केन्द्र ने तीन कृषि कानून व प्रदेश सरकार ने भूमि अधिग्रहण नियम में संशोधन कर किसानों के साथ किया विश्ववासघात : ओमप्रकाश चौटाला

रोहतक, 10 सितंबर। इनेलो सुप्रीमों एंव पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने कहा कि केन्द्र सरकार की तर्ज पर ही प्रदेश सरकार काम कर रही है, जिस प्रकार केन्द्र ने तीन कृषि काले कानून बनाए वैसे ही प्रदेश सरकार ने भूमि अधिग्रहण नियम में संशोधन कर किसानों के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने कहा कि इस नियम के तहत एक दिन का किसानों को नोटिस देकर सरकार उनकी जमीन को अधीग्रहण कर लेगी, जोकि पूरी तरह से गलत है। उन्होंने प्रदेश सरकार को लूटेरो की सरकार की संज्ञा दी। इनेलो सुप्रीमों ने कहा कि आज प्रदेश पर कई गुणा कर्ज हो गया है और प्रदेश में पैदा होने वाला बच्चा भी अपने सिर पर एक लाख रूपये कर्ज लेकर पैदा होता है। प्रदेश सरकार से हर वर्ग परेशान है और चुनाव का इंतजार कर रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि इनेलो की सरकार बनते ही हर पढ़े लिखे युवा को रोजगार दिया जाएगा। यह बात उन्होंने शुक्रवार को रूपया चौक स्थित पार्टी कार्यालय में कार्यकत्र्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही। पूर्व मुख्मंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने कार्यकत्र्ताओं को संगठन मजबूत करने का मूलमंत्र भी दिया। साथ ही कार्यकत्र्ताओं का आह्वान किया कि वे पार्टी की नीतियों को जनजन तक पहुंचाए। उन्होंने 25 सितंबर को जींद में होने वाले ताऊ देवीलाल की जयंती पर आयोजित समारोह का भी निमंत्रण दिया। बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए इनेलो सुप्रीमों ओमप्रकाश चौटाला ने पूर्व सीएम भूपेन्द्र सिंह हुड्डा पर भी निशाना साधा और कहा कि एक षडयंत्र के तहत उन्हें जेल भिजवाया गया था। उन्होंने कहा कि हुड्डा की सोच थी कि चौटाला के जेल जाने से इनेलो पार्टी खत्म हो जाएगी, लेकिन उनकी गैर हाजरी में संगठन और अधिक मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि अब पूर्व सीएम भूपेन्द्र सिंह हुड्डा अपनी जेल जाने की तैयारी कर ले। किसान आंदोलन को लेकर इनेलो सुप्रीमों ओमप्रकाश चौटाला ने कहा कि यह 36 बिरादरी का आंदोलन है। सरकार जातिवाद का जहर घोलकर आंदोलन को तोडऩा चाहती है, लेकिन सरकार की यह मंशा कभी पूरी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि पहले किसानों को बातचीत के लिए बुलाया जाता है और बाद में उनपर लाठीचार्ज कर गिरफ्तार कर लिया जाता है। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन के चलते हालात ऐसे हो गए है कि मुख्यमंत्री व अन्य मंत्री अपने क्षेत्रों में कार्यक्रम तक नहीं कर पा रहे है। सरकार को किसानों की अनदेखी का भारी खामियाजा भुगतना पड़ेगा। ऐलानाबाद उपचुनाव को लेकर भी पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने कहा कि सरकार चुनाव कराने से बच रही है, क्योकि इस सीट पर चुनाव होने के बाद सरकार अल्पमत में आ जाएगी और प्रदेश में मध्यवर्ती चुनाव होगे, इसी भय के चलते सरकार उपचुनाव नहीं करवा रही है।

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