23 सितंबर को भूपेंद्र सिंह यादव की ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ का जवाब दे पाएंगे राव इंद्रजीत सिंह ?

अलख हरियाणा डॉट कम || अहीरवाल बेल्ट में बड़े नेताओं में शुमार राव इंद्रजीत सिंह यूँ तो हाल में बीजेपी पार्टी में है और केंद्र में राज्‍यमंत्री भी हैं लेकिन बीजेपी ने उनको तवज्जो देना छोड़ दिया है और बीजेपी राव इंद्रजीत सिंह के नाज नखरों के चलते उनके विकल्प के तौर पर केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र सिंह यादव मैदान में उतार चुकी है। भूपेंद्र सिंह यादव से जन आशीर्वाद यात्रा निकलवाकर बीजेपी ने उनको साफ़ संदेश दे दिया है कि उनके पास इंद्रजीत का विकल्प मौजूद है। वहीं राव इंद्रजीत सिंह इतनी आसानी से मानने वालो में से नहीं हैं। भूपेंद्र सिंह यादव की जन आशीर्वाद यात्रा के जवाब में इंद्रजीत सिंह ने दक्षिण हरियाणा के साथ साथ पूरे हरियाणा के लिए ख़ास रणनीति तैयार की है।

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव की जन आशीर्वाद यात्रा के जवाब में अब केन्दीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह अपनी सियासी ताकत दिखाने को आतुर हैं। राव इंद्रजीत सिंह ताल्लुक 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में सेनानी राव तुला राम से है। 23 सितंबर को राव तुला राम का शहीदी दिवस है और इस मौके पर झज्जर जिले के पटौदा खेड़ा में बड़ी रैली कर राव बीजेपी हाईकमान को अपनी ताकत दिखाना चाह रहे हैं। इसमें हरियाणा सरकार के दो मंत्री, दो पूर्व मंत्री और आधा दर्जन मौजूदा विधायक राव इंदरजीत के कंधे से कन्धा मिला कर चल रहे हैं। हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री डा. बनवारी लाल, राज्य मंत्री ओमप्रकाश यादव और आधा दर्जन विधायक जुटे हुए हैं। इस प्रोग्राम में पूर्व मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के नाते राव इंद्रजीत के कार्यक्रम का मंच साझा करेंगे, जबकि पूर्व शिक्षा मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा, पूर्व मंत्री विक्रम ठेकेदार, गुरुग्राम के विधायक सुधीर सिंगला, अटेली के विधायक सीताराम, कोसली के विधायक लक्ष्मण यादव, सोहना के विधायक संजय तंवर और गुरुग्राम के पूर्व विधायक उमेश अग्रवाल भी राव इंद्रजीत के मंच पर दिखाई दे सकते हैं।

भूपेंद्र यादव और राव इंद्रजीत की मजबूती की बात करें तो राव इंद्रजीत दक्षिण हरियाणा में काफी मजबूत है और भूपेंद्र यादव राजस्थान में मजबूत पकड़ रखते हैं। लेकिन हरियाणा में भूपेंद्र यादव की जन आशीर्वाद यात्रा करवा बीजेपी ने राव इंद्रजीत की दक्षिण हरियाणा में पकड़ ढीली करवाने का प्रयास किया है। और अहीरवाल में दोनों नेताओं को समानांतर खड़ा करने का प्रयास किया है। जिसके बाद हाल के दिनों में राव ने कुएं का मेंढक नहीं होने का जो बयान दिया था। जिसकी बानगी सियासी शहीदी दिवस के दिन दिखाने को तैयार हैं।

इस कार्यक्रम की मार्फत राव अपने मंच पर पार्टी के विधायक , सांसद , पूर्व मंत्रियों के लाकर बीजपी के केंद्रीय शीर्ष नेतृत्व को अपनी ताकत दिखाने की जुगत में हैं। हरियाणवी कहावत है कि “नाइ के मेरे बाल कोड-कोड, जजमान तेरे अग्ग्ये आवंगे” . कल तक इंतजार करते हैं।

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