बरोदा उपचुनाव को लेकर भूपेंद्र सिंह हुड्डा बनाई रणनीति


  alakh haryana
  21 Jul 2020

21 जुलाई, चंडीगढ़ः कांग्रेस ने बरोदा उपचुनाव के लिए कमर पूरी तरह कस ली है। आज चंडीगढ़ स्थित आवास पर पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पार्टी विधायकों से उपचुनाव को लेकर मंथन किया और उनकी ड्यूटी लगाई। उन्होंने कहा कि उपचुनाव सरकार के झांसों और हवा-हवाई बातों पर नहीं, आमजन से जुड़े मुद्दों पर होगा। चुनाव में जनता बीजेपी से उसकी किसान विरोधी नीतियों, लगातार बढ़ती बेरोज़गारी और बढ़ते अपराध का हिसाब मांगेगी। 

बीजेपी के पास बरोदा में गिनवाने के लिए कोई काम नहीं है जबकि कांग्रेस सरकार के दौरान यहां जमकर विकास कार्य हुए थे। हलके की बात की जाए तो कांग्रेस सरकार में देश की पहली महिला यूनिवर्सिटी और मेडिकल कॉलेज की स्थापना यहां की गई। बिजली सप्लाई और सिंचाई की पूरी व्यवस्था की गई। सोनीपत ज़िले को शिक्षा का हब बनाया गया। गोहाना, जींद, सोनीपत रेलवे लाइन बिछाई गई। इतना ही नहीं, कांग्रेस सरकार में रेल कोच फैक्टरी को भी मंज़ूरी मिल गई थी। इससे इलाक़े के हज़ारों युवाओं को रोज़गार मिलता। लेकिन बीजेपी सरकार ने उस प्रोजेक्ट को रद्द कर दिया। कांग्रेस सरकार में 2136 करोड़ रुपये के किसान कर्ज़ और 1600 करोड़ रुपये के बिजली बिल माफ़ किए गए थे। ज़मीन की कुर्की का काला क़ानून ख़त्म करके हमारी सरकार में फसली लोन की ब्याज दर  की 11 प्रतिशत ब्याज दर को ख़त्म करके, ज़ीरो प्रतिशत किया था। 

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार के दौरान अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग के सैंकड़ों करोड़ के कर्ज माफ किए गए। साथ ही दोनों वर्गों के छात्र-छात्राओं को सैंकड़ों करोड़ की छात्रवृत्ति दी जाती थी। लेकिन बीजेपी सरकार में उसपर भी रोक लगा दी गई या घोटाले किए गए। हमारी सरकार में ग़रीब परिवारों को 100-100 गज़ के मुफ्त प्लॉट और मकान बनाने के लिए 91 हज़ार रुपये दिए जाते थे। पूरे प्रदेश में 10 लाख घरों को टंकी और पानी का कनेक्शन मुफ्त दिया गया था। लेकिन बीजेपी ने सत्ता में आते ही इन तमाम कल्याणकारी योजनाओं पर रोक लगा दी। कांग्रेस सरकार ने खेती का काम करते हुए किसी किसान की मौत होने पर परिवार को 5 लाख रुपये मुआवज़ा देने की शुरुआत की थी। इतना ही नहीं किसान की गाय या बकरी की मौत पर 20 हज़ार व भैंस की मौत पर 50 हज़ार मुआवज़ा दिया जाता था। लेकिन बीजेपी सरकार ने ऐसी किसी भी कल्याणकारी योजना की शुरुआत नहीं की। इसलिए बरोदावासी जानते हैं कि बीजेपी-जेजेपी सरकार प्रदेश की जनता के दिलों से पहले ही गिर चुकी है और हकीकत में भी ये सरकार ज्यादा दिन चलने वाली नहीं है। आने वाला समय कांग्रेस का है। इसलिए गठबंधन के लिए उपचुनाव में ज़मानत बचा पाना भी मुश्किल होगा।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश और केंद्र की सरकार लगातार किसान विरोधी फैसले ले रही हैं। इसी कड़ी में 3 नए अध्यादेश जारी किए गए हैं। इन अध्यादेशों में कहीं भी किसानों के न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी नहीं दी गई। लगता है कि सरकार सिर्फ़ प्राइवेट एजेंसियों और औद्योगिक घरानों को फायदा पहुंचाना चाहती है। इसीलिए प्रदेश का किसान सड़कों पर उतरकर इसका विरोध कर रहा है। सरकार को किसान हित में या तो इन अध्यादेशों में बदलाव करने चाहिए या इन्हें वापस ले लेना चाहिए। खेती से जुड़े आढ़ती और छोटे व्यापारी भी इन 3 अध्यादेशों से डरे हुए हैं।  हरियाणा स्टेट अनाज मंडी एसोसिएशन की तरफ से आज नेता प्रतिपक्ष को एक ज्ञापन भी सौंपा गया। इसमें नए अध्यादेशों का विरोध किया गया है। साथ ही आढ़ती एसोसिएशन का आरोप है कि गेहूं खरीद के 3 महीने बीत जाने के बाद भी अब तक उन्हें आढ़त और मजदूरी का भुगतान नहीं हुआ है। कई-कई महीने पेमेंट रोकना अपने आप में बड़ा घोटाला है। क्योंकि किसानों और आढ़तियों की हज़ारों करोड़ की पेमेंट तो रोक ली गई है, लेकिन उन्हें ब्याज का भुगतान नहीं किया गया। पेमेंट का सारा ब्याज हज़म कर लिया गया। गेहूं ही नहीं गन्ने की पेमेंट को लेकर भी किसान लगातार शिकायत कर रहे हैं। अबतक प्रदेश के कई हिस्सों में गन्ना किसानों की पेमेंट नहीं हुई है। 

भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि किसान ही नहीं, मौजूदा सरकार से हर वर्ग परेशान है। सरकार कच्चे और पक्के कर्मचारियों को नौकरी से हटा रही है। नौकरियां ख़त्म की जा रही हैं। बेरोज़गारी लगातार बढ़ रही है। इसी का नतीजा है कि प्रदेश में अपराध का ग्राफ भी लगातार ऊपर की तरफ जा रहा है। हत्या, लूट, डकैती जैसी वारदातें अब हरियाणावासियों की दिनचर्या का हिस्सा बन गई हैं। बरोदा उपचुनाव में बीजेपी सरकार की इन तमाम नाकामियों और कारगुजारियों को कांग्रेस जनता के बीच लेकर जाएगी और निश्चित ही जनता सरकार को सबक सिखाएगी।


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