किसान आंदोलन के समर्थन में की दलित पिछड़ा वर्ग महापंचायत में , लिए अहम निर्णय


  alakh haryana
  10 Apr 2021

 रोहतक, 10 अप्रैल। भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि प्रदेश के भाईचारे को तोडऩे के लिए सरकार ने 14 अप्रैल को पूरे प्रदेश में डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती मनाने का निर्यण लिया है, क्योकि सरकार दलित पिछड़ा वर्ग व किसानों को एक दूसरे का दुश्मन बनाना चाहती है और इसी षडयंत्र के तहत सरकार ने यह कार्यक्रम रखा है, लेकिन प्रदेश के लोग सरकार के षडयंत्र को पूरी तरह से समझ चुके है। उन्होंने कहा कि देश की आजादी में भाजपा व आरएसएस का कोई योगदान नहीं रहा है और आरएसएस तो डॉ. भीमराव अम्बेडकर द्वारा लिखे संविधान को मानता तक नहीं है, फिर किस लिहाज से सरकार डॉ. अम्बेडकर जयंती मना रही है। इससे साफ है कि सरकार प्रदेश में हिंसा करवाने की तैयारी कर रही है। साथ ही उन्होंने संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 14 अप्रैल को बोर्डर व धरना स्थलों पर डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती मनाई जाएगी और इस दिन सभी धरनों का नेतृत्व दलित पिछड़ा वर्ग करेगा। वहीं एक मई को मजदूर दिवस के अवसर पर धरनों पर कमेरा वर्ग स्टेज की कमान संभालेगा। किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि 14 अप्रैल को राई में मुख्यमंत्री मनोहर लाल व कैथल में डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला को काले झंडे दिखाकर विरोध किया जाएगा। यह बात उन्होंने शनिवार को पुरानी आईटीआई मैदान स्थित किसान आंदोलन के समर्थन में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर व महात्मा ज्योतिबा फू ले की जयंती पर आयोजित दलित पिछड़ा वर्ग द्वारा महापंचायत में बतौर मुख्यअतिथि संबोधित करते हुए कही। किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि तीन कृषि कानूनों को रद्द करवाने को लेकर देश का किसान चार महीने से ज्यादा समय से सडक़ो पर आंदोलन करने पर मजबूर है, लेकिन केन्द्र सरकार किसानों की समस्याओं का समाधान करने की बजाए हठधर्मिता अपनाएं हुए है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने देश के कारपोरेट घरानों के लिए सेल पर लगा दिया है और सभी सरकारी सम्मपतियों को सरकार बेच रही है। देश में लोकतंत्र की हत्या हो रही है और सरकार संविधान को खत्म करने पर तुली है। गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि जब तक सरकार तीन कृषि कानूनों को रद्द नहीं करती है तब तक भाजपा-जजपा नेताओं का इसी तरह विरोध जारी रहेगा। 

डॉ. भीमराव अम्बेडकर व सर छोटूराम की विचारधारा एक, दलित समाज करेगा मुख्यमंत्री का विरोध : कांता आलडिय़ा
दलित पिछड़ा वर्ग महापंचायत की अध्यक्षता करते हुए मिशन एकता समिति की प्रदेश अध्यक्ष कांता आलडिय़ा ने सर्वप्रथम किसान आंदोलन के दौरान शहीद हुए किसानों को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि किसान आंदोलन हर वर्ग का आंदोलन है और दलित समाज कंधे से कंधा मिलाकर किसानों के साथ है। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर व सर छोटूराम की विचारधारा किसान, मजदूर व दलितों के उत्थान की थी, लेकिन भाजपा व आरएसएस की विचारधारा देश को गुलाम बनाने की है। इसी लिए सरकार जातिवाद व धर्म का जहर घोलकर देश व प्रदेश के भाईचारे को खराब करने में लगी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने दलित व किसानों को आपस में लड़वाने के लिए ही डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती मनाने का निर्णय लिया है और दलित एवं पिछड़ा वर्ग समाज सबसे पहले इसका विरोध करेगा, क्योकि इतिहास गवाह है कि भाजपा व आरएसएस की विचाधारा बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की नहीं है। इसी लिए सरकार ने प्रदेश का माहौल खराब करने के लिए यह षडयंत्र रचा है। उन्होंने कहा कि रोहतक में मुख्यमंत्री का किसान नहीं बल्कि दलित समाज विरोध करेगा। साथ ही उन्होंने किसान आंदोलन को मजबूती देने के लिए हर घर से एक सदस्य को आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया। कांता आलडिय़ा ने कहा कि किसान जमीन बचाने के लिए नहीं बल्कि संविधान को बचाने के लिए लड़ रहा है, क्योकि संविधान बचेगा तो देश बचेगा, जबकि सरकार संविधान को खत्म करने में लगी है और देश को दोबारा गुलाम बनाना चाहती है, जिसे दलित समाज कतई बर्दाशत नहीं करेगा और हर स्तर पर सरकार के कार्यक्रमों का बहिष्कार किया जाएगा। 

संविधान बचाने के लिए किसान व कमेरा वर्ग हुआ एकजुट : डॉ. उदित राज
एससी एसटी एम्पलाईज परिसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद डॉ. उदित राज ने कहा कि किसानों का आंदोलन आज एक क्रांति बन चुका है और दलित समाज पूरी तरह से किसानों के साथ है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की बदौलत प्रत्येक वर्ग को समाज में अपनी बात रखने का अधिकार मिला, लेकिन बडे शर्म की बात है कि मौजूदा सरकार उसी संविधान को खत्म करने पर तुली हुई है। उन्होंने कहा कि आज किसान अपने हकों के लिए बल्कि संविधान को बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है और दलित एवं पिछड़ा वर्ग किसानों के साथ है। पूर्व सांसद उदित राज ने कहा कि दलित एवं पिछड़ा समाज सरकार के किसी भी षडयंत्र को कामयाब नहीं होने देगा और हर स्तर सरकार के मंत्री व विधायकों का बहिष्कार किया जाएगा। 



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