फर्जी जनसंख्या सर्वे के आधार पर वार्डबंदी, अधिकारियों के छूटे पसीने


  Alakh Haryana
  16 May 2018

नगर निगम की वार्डबंदी की आपत्तियों पर मंगलवार से सुनवाई शुरू हो गई। 3 दिन तक चलने वाले सुनवाई के पहले दिन ही आपत्ति दर्ज करवाने वालों ने हंगामा कर दिया। लोगों ने आरोप लगाया कि हमारी आपत्तियों पर ठीक से सुनवाई ही नहीं की जा रही है। सुनवाई के नाम पर अधिकारी सिर्फ खानापूर्ति कर रहे हैं। लोगों ने कहा कि अगर जनसंख्या सर्वे और वार्डबंदी की गलतियों को सही नहीं किया गया तो वे इस मामले को लेकर हाईकोर्ट जाएंगे। वहीं अधिकारियों ने कहा कि अभी सिर्फ वार्डबंदी पर सुनवाई हो रही है, डिसीजन बाद में कमेटी लेगी।
विदित हो कि निगम वार्डबंदी पर 52 आपत्तियां दर्ज करवाई गई हैं जिसको लेकर एस.डी.एम. करनाल की अध्यक्षता में एक कमेटी मंगलवार से इन आपत्तियों पर सुनवाई शुरू की। 17 मई तक शाम 3 से 5 बजे तक चलने वाली इस सुनवाई के पहले दिन 19 आपत्तियों की सुनवाई की गई लेकिन सुनवाई के दौरान आपत्ति दर्ज कराने वाला कोई भी व्यक्ति अधिकारियों के तर्कों से संतुष्ट नहीं हुआ। लोगों को सबसे ज्यादा आपत्ति जनसंख्या सर्वे को लेकर था।
वार्ड 1 से आपत्ति दर्ज कराने वाले बसंत बिहार विकास समिति के प्रधान रणवीर सिंह, पूर्व प्रधान सुभाष शर्मा, रवि कुमार, एम.एस. खान ने बताया कि वार्डबंदी की जनसंख्या सर्वे के तहत हमारी कालोनी में जो जनसंख्या दिखाई गई है, वह सही जनसंख्या से 50 फीसदी कम है, यह बात हमने अधिकारियों को भी बताई लेकिन वे इस बात को मानने को तैयार ही नहीं हैं। रणवीर सिंह ने कहा कि खाद्य एवं आपूॢत विभाग के अनुसार कालोनी की जनसंख्या 13287 है, वहीं वार्डबंदी की सर्वे के अनुसार कालोनी में जनसंख्या 7886 बताया गया है, जो की काफी कम है।
रणवीर ने कहा कि इस बारे में जब अधिकारियों के सामने तथ्य रखे गए तो उन लोगों ने खाद्य एवं आपूॢत विभाग के आंकड़ों को ही फर्जी बता दिया। रणवीर ने कहा कि अगर अधिकारियों ने जनसंख्या सर्वे को सही नहीं किया तो वे इस मामले को लेकर हाईकोर्ट जाएंगे। इसी तरह की आपत्ति दर्ज कराने वाले वार्ड 1 के ही विनय पोसवाल ने कहा कि इस वार्डबंदी में जी.टी. रोड को पार कर इंद्रा कालोनी को वार्ड 1 में जोड़ा गया है, जो कि नियमानुसार नहीं हो सकता, इसके अलावा मंगलपुर कालोनी को भी वार्ड 2 से हटाकर वार्ड 1 में शामिल किया गया है। इसलिए इस वार्ड का एरिया 20 से 25 किलोमीटर हो गया है।


Vidya Softwares

संबंधित खबरें



0 Comments

एक टिप्पणी छोड़ें

 
0737