सांपला टोल पर सैंकड़ों किसान प्रदर्शनकारी लिए हिरासत में


  alakh haryana
  26 Nov 2020

 किसान संघर्ष समन्वय समिति,सीआईटीयू  के कार्यकर्ताओं ने मिलकर के तीनों कृषि के काले कानूनों में श्रम कानूनों में बदलाव के खिलाफ सांपला टोल पर कूच किया  सैकड़ों कार्यकर्ता हुए गिरफ्तार,दो घंटे की गिरफ्तारी के बाद सभी को किया गया रिहा । प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के सदस्य व अखिल भारतीय किसान सभा के राज्य उपाध्यक्ष इंद्रजीत, सीटू राज्य अध्यक्ष सुरेखा  ने कहा कि आज पूरे देश में काले कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों ने मजदूरों ने फैसला लिया था कि दिल्ली जाएंगे और अपना रोष प्रदर्शन करेंगे लेकिन सरकार ने जनतंत्र का गला घोट कर किसानों मजदूरों को दिल्ली की तरफ जाने नहीं दिया और अनेकों किसान नेताओं को गिरफ्तार किया गया है। लेकिन इसके बावजूद आंदोलन जारी है और यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक कृषि के तीनों काले कानून वापस नहीं लिए जाते। किसानों के ऊपर चाहे कितना भी दमन किया जाए किसान झुकने वाले नहीं है । 

आज की हड़ताल ऐतिहासिक हड़ताल है,आज पूरे देश में किसान मजदूर मिल कर के लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि आज के दिन किसानों पर ही नहीं मजदूरों पर भी बहुत ज्यादा संकट है मजदूरों व किसानों को अलग-अलग करके उनका शोषण किया जा रहा है । इस शोषण से मुक्ति व अपने अधिकारों के लिए पूरे देश में किसानों मजदूरों ने मिलकर लड़ाई करने की ठानी है ।आज इसी का उदाहरण है कि किसान व मजदूर मिल करके हड़ताल कर रहे हैं । उन्होंने कहा कि विडंबना है कि सरकार के दमनकारी हथकंडे सविधान  उस दिन अपनाए जा रहे हैं, जिस दिन पूरे देश में संविधान दिवस मनाया जा रहा है और यह कारगुजारियां सत्ता के उन लोगों द्वारा की जा रही है जिन की जिम्मेवारी संविधान को लागू करने की है। केंद्र सरकार द्वारा खेती में लाए गए 3 कानूनों के खिलाफ ,मजदूरों के श्रम कानूनों में किए गए बदलाव के खिलाफ और मजदूरों एवं किसानों एवं खेती को बचाने की मांग को लेकर गगनभेदी नारे लगाते हुए, प्रदर्शनकारी किसान संगठनों द्वारा दिल्ली में रैली करने के लिए पैदल मार्च करते हुए जा रहे थे। प्रदर्शनकारी अपने झंडे एवं बैनर तथा नारे लिखी तख्तियां लेकर दिल्ली की तरफ पैदल ही बढ़ रहे थे। प्रदर्शनकारियों के झंडे बैनरों से हाईवे लाल  हो गया था  और गगनभेदी नारों से  जीटी रोड गूंज रहा था .प्रदर्शन लगभग दो किलोमीटर तक पहुंचा था ,तब जाकर प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को रोका।

  उन्होंने मांग की कि गिरफ्तार किसान मजदूर नेताओं को तुरंत रिहा किया जाए, मजदूरों और खेती बारे नए कानूनों को रद्द किया जाए, मजदूरों ,कर्मचारियों की छटनी, ठेका प्रथा एवं सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण पर रोक लगाई जाए, न्यूनतम वेतन 24000 रुपये घोषित किया जाए, स्थाई रोजगार स्थाई भर्ती लागू की जाए, सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों पर पक्की भर्ती की जाए, मनरेगा में 200 दिन काम व 600रुपये दिहाड़ी लागू की जाए, जरूरतमंदों को प्रति व्यक्ति, प्रतिमाह 10 किलो अनाज फ्री दिया जाए, 75 सो रुपए मासिक मदद दी जाए, सभी परियोजना कर्मियों आशा, मिड-डे-मील ,आंगनवाड़ी , क्रेच वर्करों ,ग्रामीण व शहरी सफाई कर्मचारियों ,ग्रामीण चैकीदारों तथा कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए, निर्माण मजदूरों के रजिस्ट्रेशन एवं सुविधाओ को तुरंत लागू किया जाए ,बढ़ती महंगाई पर रोक लगाई जाए. नई पेंशन स्कीम रद्द करते हुए पुरानी पेंशन स्कीम लागू की जाए. प्रदर्शनकारियों को अखिल भारतीय किसान सभा के राज्य सचिव सुमित, किसान सभा के जिला प्रधान प्रीत सिंह, बलवान सिंह, सीटू नेता कामरेड विनोद, मिड डे मील वर्कर यूनियन की राज्य अध्यक्ष सरोज  दुजाना, जनवादी महिला समिति की राष्ट्रीय नेत्री जगमति सांगवान,सविता, राजकुमारी दहिया,  भवन निर्माण कामगार यूनियन के नेता मुकेश, प्रवेश कुमारी, अनीता, किरण, पूनम, छात्र नेता सुरेंद्र, प्रवीण, हरियाणा ग्रामीण चौकीदार सभा के राज सिंह ने भी संबोधित किया और आंदोलन को तेज करने का आह्वान किया।
         


Vidya Softwares

संबंधित खबरें



0 Comments

एक टिप्पणी छोड़ें

 
1237