कृषि कानूनों के खिलाफ किसान निकालेंगे 10 जनवरी को रोष मार्च


  alakh haryana
  09 Jan 2021

बेंगलुरु। तीन कृषि कानूनों के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा की अगुवाई में बेंगलुरु में 10 जनवरी को भारी संख्या में किसान रोष मार्च निकालेंगे। यह रोष मार्च "गुरुद्वारा सिंह सभा" उलसूर लेक से सुबह 11 बजे आरंभ होगा और ताज होटल तक निकाला जाएगा। इसके बारे में जानकारी देते हुए संगठन के प्रतिभागी वीरेंद्र नरवाल ने बताया कि कृषि कानूनों को लेकर पूरे देश के किसानों में भारी रोष है और देश के सभी किसान इन काले कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग करते हैं।  उन्होंने कहा कि मोदी सरकार किसानों की भावनाओं को समझने की बजाय किसानों के लिए विनाशकारी कृषि कानूनों को जबरदस्ती थोप रही है। 

नरवाल ने कहा कि किसान संगठनों के साथ 9 बार बैठक करने के बावजूद मोदी सरकार अपना अड़ियल रवैया नहीं छोड़ जिसके चलते किसानों में भारी आक्रोश है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करने का वादा किया था। उन्होंने अपने चुनावी घोषणा पत्र के अनुसार न तो स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू किया और ना ही किसानों की आय को दोगुना करने का वादा निभाया। इसके विपरीत मोदी सरकार ने किसानों को बर्बाद करने वाले कानूनों को लागू करने का काम किया।
 इन कानूनों को लागू करने से पहले न तो किसान संगठनों से कोई बातचीत की गई, न ही संसद में बैठकर इसके ऊपर विस्तार से खूबियों और खामियों के बारे में विचार विमर्श किया गया और ना ही उनके परिणामों के बारे में सोचा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने बड़े-बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए कृषि कानून बनाए गए हैं और ये कृषि कानून पूरी तरह से किसानों के लिए नुकसानदायक हैं और इनको वापस लिए जाने तक किसान आंदोलन जारी रखेंगे। मोदी सरकार के इन साले कृषि कानूनों के खिलाफ कर्नाटक के किसान संगठनों से जुड़े हुए लोग कल 10 जनवरी को 11 बजे गुरुद्वारा सिंह सभा, उलसूर लेक पर एकत्रित होंगे और वहां से ताज होटल तक रोष मार्च निकालेंगे।


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