गांव का नाम लेने में आती है शर्म, ना बदलने पर लोगों में आक्रोश


  Alakh Haryana
  07 Jun 2018

इंद्री के गांव लण्डौरा का नाम न बदले जाने से गांव के लोगों में आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है। गांव के लोगों ने इस मामले को लेकर आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दे दी है। इतना ही नहीं, लोगों ने चुनाव में गांव में आने वाले नेताओं का बहिष्कार करने का फैसला लिया है। उनका कहना है कि जब हम अपने गांव का नाम बताते है तो हमें शर्मिंदगी महसूस होती है।
यहां के लोग पिछले 25 सालों से गांव का नाम बदलने का आग्रह सरकार से करते आ रहे है। नाम बदलने की प्रक्रिया को कागजी तौर पर पूरा करने के लिए गांव के सरपंच मनोज कुमार ने जिला प्रसाशन से लेकर चंडीगढ़ तक के अधिकारियों के द्वार खटखटा चुके है लेकिन अभी तक गांव का नाम नहीं बदला। ग्रामीण मोहर सिंह का कहना है कि कई बार वह राज्यमंत्री कर्णदेव कंबोज से मिलकर इस बारे में बात कर चुके हैं। लेकिन कोई फायदी नहीं हुआ। महिलाएं तो इस गांव का नाम लेते हुए भी अपने आप को बेइज्जत महसूस करती है। स्कूल कॉलेज व अन्य शिक्षण संस्थानों में पढ़ने के लिए जाने वाली लड़कियों को अपने गांव का नाम बताने में संकोच होता है। बसों में आने-जाने के लिए भी महिलाओं को अपने गांव का नाम बताने में शर्मसार होना पड़ता है। 


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