“सरकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुँचे या फिर अफसरशाही की जेबों में…? CM फ्लाइंग टीम की जांच से बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है।”
जींद में सोमवार सुबह अचानक उस वक्त हड़कंप मच गया, जब हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम कार्यालय में CM फ्लाइंग टीम ने दबिश दी। यह कार्रवाई लंबे समय से मिल रही शिकायतों के आधार पर की गई।
74 योजनाएं, लेकिन सवालों के घेरे में सिस्टम
बता दें कि इस कार्यालय के ज़रिए सरकार की 74 योजनाओं का संचालन होता है, जिनका लाभ बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) परिवारों और 1.80 लाख सालाना आय से कम वाले लोगों को मिलना चाहिए। लेकिन, बीते कुछ समय से शिकायतें सामने आ रही थीं कि इन योजनाओं में अनियमितता और भ्रष्टाचार का बोलबाला है।
रेड की पूरी कार्रवाई, डीएसपी पवन कुमार के नेतृत्व में हुई छानबीन
CM फ्लाइंग की टीम ने सुबह 10 बजे कार्यालय में दस्तक दी और तमाम दस्तावेजों की गहन जांच शुरू कर दी। छापेमारी की अगुवाई कर रहे DSP पवन कुमार ने बताया:
“BPL परिवारों के लिए चलाई जा रही योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। अगर कोई गड़बड़ी पाई जाती है तो उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजकर कार्रवाई की जाएगी।“
कार्रवाई के दौरान कार्यालय में अफसरों व कर्मचारियों में हड़कंप मच गया और कई कर्मचारी फाइलें छुपाते व इधर-उधर करते देखे गए।
जनता की शिकायतें बनीं कार्रवाई की वजह
सूत्रों के मुताबिक, पिछले कई दिनों से आम लोगों द्वारा विभाग में भ्रष्टाचार, पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ न मिलने, और फर्जीवाड़े की शिकायतें मिल रही थीं। इन्हीं सूचनाओं के आधार पर CM फ्लाइंग टीम ने औचक निरीक्षण की रणनीति बनाई और सोमवार को दबिश दी गई।
अब आगे क्या?
CM फ्लाइंग टीम की प्रारंभिक जांच के बाद रिकॉर्ड खंगालने का काम जारी है। अगर किसी प्रकार की धांधली या पात्रता में छेड़छाड़ मिलती है तो जल्द ही FIR व अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी।
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