अवैध जल कनेक्शनों से बढ़ा संकट
PAC की रिपोर्ट में बताया गया है कि अवैध जल कनेक्शनों के कारण सरकार को भारी राजस्व नुकसान हो रहा है और पानी की बर्बादी भी बढ़ रही है। राष्ट्रीय जल नीति के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में बिना मीटर वाले सभी जल कनेक्शनों को एक वर्ष के भीतर मीटर से लैस किया जाना था, लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
पानी की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल
CAG (Comptroller and Auditor General) की रिपोर्ट के मुताबिक, हरियाणा के कई क्षेत्रों में पीने का पानी कोलीफॉर्म बैक्टीरिया से दूषित पाया गया है।
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फरीदाबाद नगर निगम के जल परीक्षणों में से 8 में से 7 स्थानों पर पानी की गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरी।
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जल आपूर्ति टंकियों में मेंढक और शैवाल पाए गए, जिससे साफ पानी की उपलब्धता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
भूजल में यूरेनियम संदूषण का खतरा
केंद्रीय भूजल बोर्ड की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि हरियाणा के 16 जिलों में भूजल में यूरेनियम की मात्रा अनुमेय सीमा से अधिक पाई गई है। इनमें शामिल जिले हैं:
✅ अंबाला
✅ भिवानी
✅ फरीदाबाद
✅ फतेहाबाद
✅ गुरुग्राम
✅ हिसार
✅ झज्जर
✅ जींद
✅ कैथल
✅ करनाल
✅ कुरुक्षेत्र
✅ मेवात
✅ पलवल
✅ पानीपत
✅ सिरसा
✅ सोनीपत
समाधान के लिए जरूरी कदम
PAC अध्यक्ष आफताब अहमद ने सरकार से जल संकट को दूर करने के लिए त्वरित कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि ट्यूबवेल आधारित जल आपूर्ति प्रणाली को नहर आधारित प्रणाली में बदला जाना चाहिए और जल परीक्षण प्रयोगशालाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाना चाहिए।
PAC की प्रमुख सिफारिशें
✅ सभी अवैध जल कनेक्शनों को वैध किया जाए और मीटर लगाए जाएं।
✅ पानी की खपत के आधार पर बिलिंग प्रणाली लागू की जाए।
✅ महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना के तहत जल आपूर्ति बुनियादी ढांचे को विकसित किया जाए।
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