रोहतक। हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने रोहतक के राजकीय महिला कॉलेज में आयोजित दीक्षांत समारोह के दौरान कांग्रेस पर करारा हमला बोला। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा, “कांग्रेस के तो तीतर उड़ लिए, जिन पर कभी जाल फेंक कर उन्हें उड़ा लिया करते थे। अब वो खुद अपनी पहचान बचाने में लगे हैं।”
मंत्री ने कहा कि कांग्रेस का कभी देश की मिट्टी से प्रेम नहीं रहा, सिर्फ निजी स्वार्थों के लिए राजनीति की। “जनता ने उन्हें झुनझुना पकड़ा दिया है, अब वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर रोते हैं,”
“कांग्रेस का मनोबल कभी रहा ही नहीं”
मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने देश की मिट्टी से कभी प्यार नहीं किया। “कांग्रेस नेताओं को केवल अपने निजी स्वार्थ और हित दिखाई दिए। देश समस्याओं से जूझता रहा और कांग्रेस नेता एसी में बैठकर मौज मारते रहे।” उन्होंने हरियाणवी कहावत का हवाला देते हुए कहा—”अपना भरा, जगत का भरा।”
“जनता ने कांग्रेस को थमाया झुनझुना”
ढांडा ने कहा कि अब कांग्रेस सोशल मीडिया पर वीडियो बनाकर प्रचार कर रही है, लेकिन जनता ने उन्हें झुनझुना पकड़ा दिया है। “कांग्रेस ने केवल साम, दाम, दंड, भेद की राजनीति की है, इसलिए अब वो कहीं नज़र नहीं आ रही।”
वक्फ कानून पर दिया बड़ा बयान
मंत्री ढांडा ने 1947 के बंटवारे का उल्लेख करते हुए कहा कि उसी समय वक्फ कानून समाप्त कर देना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि “कमजोर राजनीतिक सोच के कारण यह कानून बना और देश का बेड़ा गर्क हुआ।” उन्होंने वर्तमान सरकार की राजनीतिक सोच को मजबूत बताते हुए इसे देश के विकास के लिए जरूरी करार दिया।
शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी बोले मंत्री
शिक्षामंत्री ने स्कूलों में मोबाइल के प्रयोग पर रोक की बात कही और कहा कि इस पर स्पष्ट निर्देश जल्द जारी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं होनी चाहिए और यदि ऐसा होता है तो कार्रवाई की जाएगी।
गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों पर सख्ती
ढांडा ने बताया कि सरकार गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों पर लगातार कार्रवाई कर रही है। “अगर स्कूल संचालक वर्षों तक अपनी मान्यता शर्तें पूरी नहीं कर रहे तो यह उनकी जिम्मेदारी है, सरकार जरूरत पड़ी तो नियमों में बदलाव पर भी विचार करेगी।”
खेल नीति और विनेश फोगाट पर प्रतिक्रिया
विनेश फोगाट के कैश अवॉर्ड और प्लॉट से जुड़ी सवाल पर मंत्री ने कहा, “खेल पॉलिसी खड़े-खड़े नहीं बताई जा सकती, यह कैबिनेट का विषय है और दोबारा चर्चा की जाएगी।”
किताबें और वर्दी बेचने पर चेतावनी
मंत्री ने स्पष्ट कहा कि कोई भी स्कूल संचालक छात्रों के माता-पिता पर किताबें या वर्दी खरीदने का दबाव नहीं डाल सकता। “अगर किसी स्कूल में ऐसा पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
प्राथमिक स्कूलों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की व्यवस्था पर टिप्पणी
उन्होंने बताया कि सरकारी प्राथमिक स्कूलों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का कोई प्रावधान नहीं है, न ही दुनिया के किसी देश में ऐसा होता है। “राम ने भी वनवास के समय लकड़ी काटी थी। हमें अपने बच्चों को शिक्षित करना होगा ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।”