चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार में ताकतवर अफसर रहे रिटायर्ड IAS मुरारी लाल तायल के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ED ने तायल की चंडीगढ़, गुरुग्राम और दिल्ली में मौजूद 2 घर, 7 अपार्टमेंट समेत कुल 9 संपत्तियां अटैच की हैं। इसके साथ ही उनके और उनके परिवार के करीब 14.06 करोड़ रुपए के बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया है।
CBI की FIR के बाद शुरू हुई जांच
ED की यह कार्रवाई CBI द्वारा दर्ज की गई FIR के आधार पर हुई, जिसमें आरोप था कि तायल ने 2005 से 2014 के बीच अपने पद का दुरुपयोग कर आय से अधिक संपत्ति अर्जित की थी। CBI की जांच में सामने आया कि उन्होंने अपनी पत्नी सविता तायल और बेटे कार्तिक तायल के साथ मिलकर करोड़ों की अवैध संपत्तियां खरीदीं।
हुड्डा सरकार में थे सबसे ताकतवर अधिकारी
तायल ने 2005 से 2009 तक पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के प्रधान सचिव के रूप में काम किया और उस दौरान वे बेहद प्रभावशाली अधिकारी माने जाते थे। रिटायरमेंट के बाद भी उन्हें केंद्र सरकार के अधीन भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) में सदस्य नियुक्त किया गया, जहाँ वे 2014 तक कार्यरत रहे।
मानेसर जमीन घोटाले में भी नाम आया था
2015 में मानेसर जमीन घोटाले में CBI ने तायल के खिलाफ पहली FIR दर्ज की थी। बाद में 2017 में आय से अधिक संपत्ति के मामले में एक और FIR हुई। इसी मामले की कड़ी में अब ED ने यह संपत्ति जब्ती की कार्रवाई की है।
पत्नी भी रहीं सरकारी पद पर
तायल की पत्नी सविता तायल भी रिटायरमेंट के बाद हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) की सदस्य बनाई गई थीं। वह 2016 में इस पद से रिटायर हुईं।
ED की जांच में खुलासा
ED की जांच में यह सामने आया कि तायल परिवार ने जो संपत्तियां और बैंक बैलेंस इकट्ठा किए, वे उनकी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक हैं। इसमें शेयर बाजार, आयकर और बैंक लेन-देन के रिकॉर्ड खंगाले गए।
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