पंचकूला। हरियाणा के सरकारी कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लेकर चल रहे विवाद पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने इस मामले से जुड़ी 46 याचिकाओं का निपटारा करते हुए कर्मचारियों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर फैसला दिया। इनमें से तीन श्रेणियों के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना का रास्ता साफ हुआ है, जबकि एक श्रेणी की मांग को अदालत ने खारिज कर दिया।
28 अक्टूबर 2005 की कटऑफ तारीख बरकरार
हाईकोर्ट ने उन कर्मचारियों को राहत नहीं दी, जिनकी नियुक्ति 1 जनवरी 2006 के बाद और 18 अगस्त 2008 से पहले हुई थी। इन कर्मचारियों की मांग थी कि OPS के लिए निर्धारित कटऑफ तारीख 28 अक्टूबर 2005 से बढ़ाकर 18 अगस्त 2008 की जाए।
कोर्ट ने यह मांग खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि राज्य सरकार अपनी पेंशन नीति निर्धारित करते समय केंद्र सरकार की कटऑफ तारीख को मानने के लिए बाध्य नहीं है। ऐसे में 28 अक्टूबर 2005 की कटऑफ तारीख लागू रहेगी।
पार्ट टाइम और एडहॉक कर्मचारियों को राहत
हाईकोर्ट ने उन कर्मचारियों के पक्ष में फैसला दिया, जिन्होंने 1 जनवरी 2006 से पहले पार्ट टाइम, एडहॉक, अस्थायी या कांट्रैक्ट आधार पर नौकरी शुरू की थी और बाद में नियमित हुए।
कोर्ट ने कहा कि राज्य एक आदर्श नियोक्ता की भूमिका में होता है। लंबे समय तक सेवा लेने के बाद किसी कर्मचारी को पेंशन के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता। इसलिए नियमित होने से पहले की निरंतर सेवा को पेंशन की गणना में शामिल किया जाएगा।
28 अक्टूबर 2005 से पहले जारी विज्ञापन वाली भर्ती को OPS का लाभ
ऐसे कर्मचारी भी पुरानी पेंशन के हकदार होंगे, जिन पदों का विज्ञापन 28 अक्टूबर 2005 से पहले जारी हुआ था, लेकिन उनकी नियुक्ति 1 जनवरी 2006 के बाद हुई।
कोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया शुरू होने की तारीख को महत्वपूर्ण आधार माना। अदालत के अनुसार केवल नियुक्ति में देरी होने के कारण कर्मचारी को पुरानी पेंशन के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता।
अनुकंपा नियुक्ति वालों को भी राहत
हाईकोर्ट ने अनुकंपा (एक्स-ग्रेशिया) आधार पर नियुक्त कर्मचारियों के लिए भी राहत का रास्ता साफ किया है।
यदि कर्मचारी की मृत्यु और अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन 28 अक्टूबर 2005 से पहले का है, तो औपचारिक नियुक्ति या जॉइनिंग बाद में होने के बावजूद पात्र कर्मचारियों को 8 मई 2023 के कार्यालय ज्ञापन के तहत पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिए जाने का रास्ता खुल गया है।
क्या है फैसले का असर?
हाईकोर्ट के इस फैसले से हरियाणा के उन कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जो पुरानी पेंशन योजना से जुड़े मामलों को लेकर लंबे समय से कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे। हालांकि, 28 अक्टूबर 2005 की कटऑफ के बाद नियुक्त हुए सभी कर्मचारियों को OPS का लाभ नहीं मिलेगा और इसका लाभ संबंधित श्रेणी एवं अदालत के आदेश में निर्धारित शर्तों के आधार पर ही मिलेगा।
