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रोहतक में SRK गुट की प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले कुर्सी को लेकर भीड़े पूर्व मंत्री सुभाष बत्रा और ब्लॉक अध्यक्ष

रोहतक। रोहतक में SRK गुट की प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले कुर्सी को लेकर बड़ा हंगामा हो गया।दरअसल आज रोहतक में कांग्रेस के दिग्गज नेता कुमारी सैलजा, रणदीप सुरेजवाला और किरण चौधरी की प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गयी थी। जब तीनो नेता मैना काम्प्लेक्स में पत्रकार वार्ता हेतु पहुंचे तो वहां पर पहले से ही पूर्व मंत्री और कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष मौजूद थे जिन्होंने पूरे प्रोग्राम की तैयारी की थी। लेकिन जब समय आया पत्रकार वार्ता हेतु कुर्सियों पर बैठने का तो पूर्व मंत्री सुभाष बत्रा और बादली से ब्लॉक अध्यक्ष नेताओं के पास बैठने के लिए भीड़ गए। इस पूरे मामले को लेकर एक वीडियो भी जमकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।

जानकारी के अनुसार नेताओं के पास बैठने को लेकर पूर्व मंत्री सुभाष बत्रा और किसान कांग्रेस के बादली ब्लॉक के अध्यक्ष एवं कांग्रेस नेता बिजेंद्र माजरा आपस में भिड़ गए। दोनों ही पत्रकार वार्ता में नेताओं के पास बैठने की इच्छा मन में रखे हुए थे।हालांकि बाद में मामला शांत हो गया और दोनों नेता पत्रकार वार्ता के दौरान सैलजा, सुरजेवाला और किरण के दोनों तरफ बैठे। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस संदेश यात्रा की जानकारी दी और न्योता दिया।

कांग्रेस संदेश यात्रा में भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा के शामिल होने पर कुमारी सैलजा ने कहा कि यात्रा में सभी कांग्रेस नेता शामिल हों। सभी कांग्रेसियों को न्योता है। सच्चे कांग्रेस के सिपाही लड़ाई लड़ेंगे। कहीं न कहीं यह भी देखना पड़ेगा कि हम कहीं एक हाथ से तो भाजपा के साथ हाथ मिलाएं और दूसरी तरफ से कहें कि हम कांग्रेस या लोगों की लड़ाई लड़ें। ऐसा तो नहीं हो सकता। यह देखना पड़ेगा कि कौन भाजपा के साथ हाथ मिला रहा है।

सैलजा बोलीं- हुड्‌डा सीएम का चेहरा नहीं
पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्‌डा को सीएम का चेहरा होने की बात पर कुमारी सैलजा ने कहा कि जो लोग उनके समर्थक हैं, वो उनको CM बना देते हैं। सब नेताओं के समर्थक उन्हें सीएम बनाते हैं। पार्टी की परंपरा रही है कि सीएम को चुनाव जीतने के बाद घोषित किया जाता है। हां, अगर कहीं सिटिंग सीएम है तो वे पार्टी को लीड जरूर करता है। पार्टी फैसला करती है कि कौन मुख्यमंत्री बनेगा और कौन उपमुख्यमंत्री।

संगठन नहीं बनाने का मलाल मन में
कुमारी सैलजा ने कहा कि वे अध्यक्ष रहते हुए संगठन नहीं बना पाई इसका उनके मन में मलाल है। संगठन नहीं बनना दुर्भाग्यपूर्ण बात है। कुछ लोग हैं, जिनके पास पद हैं, लेकिन कितने वर्कर हैं, जिनको पहचान नहीं मिली। फिर भी वे कांग्रेस से जुड़े हैं। जिनका पहचान मिलनी चाहिए थी वह नहीं दे पाए, यह कमी रही है। वे पहले लोकसभा की 10 की 10 सीट जीतने का लक्ष्य लेकर काम कर रहे हैं। उन्होंने सवाल के लहजे में कहा कि मिलकर चलना व मिलकर चलाना किसकी बनती है।सैलजा ने कहा कि भाजपा सरकार में सड़कों की हालत खराब है। हर जगह सड़कों की बदहाली है। मुख्यमंत्री ने 1700 से ज्यादा वादे किए, जिनमें से करीब 70 ही बड़ी मुश्किल से पूरे हुए है। यह जुमलों की सरकार है। जनता जुमले सुनकर तंग आ चुकी है। हर वर्ग सरकार से तंग है और सड़क पर आने को मजबूर है। भाजपा केवल बड़े-बड़े भाषण देने वाली पार्टी है।

तीन राज्यों में जीत का मतलब संसद पर ताला लगाना नहीं
रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि प्रजातंत्र में जनमत सबसे बड़ा है। जिसे सभी को स्वीकारना पड़ेगा। तीन राज्यों में जीत का मतलब संसद पर ताला लगाना हो सकता है क्या?। अगर एक चुनाव में हम कामयाब हो पाए तो यह मतलब नहीं है कि वे लोगों का प्रहरी बनना बंद कर दे। अगर कांग्रेस का संदेश लोगों तक ले जाने में कोई कमी रही है तो उसको और बेहतर करेंगे तथा लोगों तक पहुंचाएंगे। कांग्रेस संदेश यात्रा का उद्देश्य भी यही है।

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