इस समझौते के तहत, सेंसर-आधारित तकनीकों का उपयोग ग्रीन हाउस में किया जाएगा, जिससे तापमान, नमी, और प्रकाश संश्लेषण को नियंत्रित किया जा सकेगा। यह तकनीक किसानों को बेहतर उत्पादन, उच्च गुणवत्ता, और अधिक आय प्राप्त करने में मदद करेगी।
मुख्यमंत्री का बयान
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस समझौते को किसानों के लिए एक मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बागवानी और वैज्ञानिक तकनीकों को बढ़ावा दे रही है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है। इसके अलावा, जलवायु परिवर्तन और अनिश्चित मौसम परिस्थितियों के चलते संरक्षित खेती को बढ़ावा देना आवश्यक हो गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा में वर्तमान में 4,000 एकड़ में पोली हाउस के तहत बागवानी फसलों का उत्पादन हो रहा है, और 6,400 एकड़ में लो-टनल खेती की जा रही है। सरकार इस क्षेत्र को और बढ़ाने के लिए किसानों को सहायता प्रदान कर रही है।
यह समझौता किसानों के लिए क्यों है महत्वपूर्ण?
यह समझौता हरियाणा के किसानों को नई तकनीकों के माध्यम से अधिक उत्पादन और बेहतर गुणवत्ता की फसल प्राप्त करने में मदद करेगा। इसके साथ ही, किसानों को आधुनिक तकनीकी सहायता मिलेगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सकेगी।
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