https://www.facebook.com/reel/1485597773629477रोहतक, 17 सितंबर 2026। जिला बार एसोसिएशन, रोहतक के चुनाव को लेकर एक बार फिर विवाद गहराता नजर आ रहा है। प्रधान पद के प्रत्याशी अरविंद श्योराण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के प्रयासों का आरोप लगाया है। उन्होंने पिछले वर्ष की चुनावी घटनाओं का हवाला देते हुए इस बार भी चुनाव से पहले उनके खिलाफ कार्रवाई के जरिए दबाव बनाने की आशंका जताई है।
श्योराण का आरोप है कि पिछले वर्ष चुनाव प्रक्रिया के दौरान पहले वोटर लिस्ट रोकी गई और बाद में उनका लाइसेंस निलंबित करवाया गया। उनके अनुसार, इसके बाद उन्हें चुनाव लड़ने से वंचित कर दिया गया और दूसरे प्रत्याशी को निर्विरोध प्रधान घोषित किए जाने का रास्ता साफ हुआ। उन्होंने चुनाव के दिन रातों-रात चुनाव स्थगित किए जाने की घटना का भी उल्लेख करते हुए पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
नामांकन के अगले दिन नोटिस जारी होने पर उठाए सवाल
अरविंद श्योराण ने बताया कि उन्होंने 5 सितंबर 2026 को प्रधान पद के लिए नामांकन दाखिल किया था। उनके अनुसार, इसके अगले ही दिन उनके एक मामले से संबंधित नोटिस जारी हुआ, जिसकी सुनवाई पहले 15 सितंबर 2026 को निर्धारित थी।
श्योराण का दावा है कि सुनवाई को पहले की तारीख पर शिफ्ट किया गया और उन्हें 7 सितंबर को शाम 5 बजे बार काउंसिल ऑफ इंडिया, दिल्ली में उपस्थित होने के संबंध में नोटिस दिया गया। उन्होंने कहा कि नामांकन दाखिल करने से पहले इस नोटिस या कार्रवाई का कोई उल्लेख उनके संज्ञान में नहीं था।
उन्होंने इस घटनाक्रम को महज संयोग मानने से इनकार करते हुए आशंका जताई कि चुनाव से ठीक पहले उनके खिलाफ ऐसी स्थिति बनाई जा सकती है, जिससे उन्हें चुनाव लड़ने से रोका जा सके।
हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित संस्थाओं की ओर से कोई पक्ष इस प्रेस विज्ञप्ति में उपलब्ध नहीं कराया गया है।
वोटर लिस्ट को लेकर भी उठाया सवाल
श्योराण ने इस बार अधिवक्ता लोकेंद्र सिंह फोगाट का नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाने को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बार एसोसिएशन किसी व्यक्ति या समूह की निजी संपत्ति नहीं है, बल्कि अधिवक्ताओं की लोकतांत्रिक संस्था है।
उन्होंने प्रत्येक पात्र अधिवक्ता को मतदान करने और चुनाव लड़ने का समान अवसर दिए जाने की मांग की।
बार काउंसिल की भूमिका पर भी सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अरविंद श्योराण ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया की अनुशासनात्मक शक्तियों के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि यदि किसी अधिवक्ता के खिलाफ कोई शिकायत या मामला है तो उसकी सुनवाई निष्पक्ष, पारदर्शी और कानून के अनुरूप होनी चाहिए।
श्योराण ने कहा कि अनुशासनात्मक कार्रवाई का अधिकार अपनी जगह है, लेकिन इसका इस्तेमाल किसी चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने बार काउंसिल ऑफ इंडिया से जुड़े अन्य मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि संस्थागत शक्तियों का इस्तेमाल पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ होना चाहिए।
अब हरीश स्वरूप हुड्डा लड़ेंगे प्रधान पद का चुनाव
अरविंद श्योराण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की कि अब अधिवक्ता हरीश स्वरूप हुड्डा प्रधान पद का चुनाव लड़ेंगे और उनके अनुसार, हुड्डा अपना नामांकन दाखिल कर चुके हैं।
श्योराण ने कहा कि उन्हें पहले से आशंका थी कि जिला बार एसोसिएशन, रोहतक के चुनाव में पिछले वर्ष जैसी परिस्थितियां दोबारा पैदा हो सकती हैं।
उन्होंने कहा कि उन्हें चुनाव में हराने से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन चुनाव से ठीक पहले किसी प्रत्याशी के खिलाफ ऐसी कार्रवाई नहीं होनी चाहिए, जिससे वह चुनाव लड़ने में असमर्थ हो जाए।
‘हमारा संघर्ष किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं’
अरविंद श्योराण ने बार के अधिवक्ताओं से बिना किसी दबाव, भय या प्रलोभन के अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि उनका संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि निष्पक्ष चुनाव, लोकतांत्रिक अधिकारों, पारदर्शिता और अधिवक्ताओं की स्वतंत्र आवाज के लिए है।
यह प्रेस विज्ञप्ति अरविंद श्योराण, अधिवक्ता एवं प्रधान पद के प्रत्याशी, जिला बार एसोसिएशन, रोहतक की ओर से जारी की गई है। इसमें लगाए गए आरोप संबंधित पक्षों के दावे हैं; इनकी स्वतंत्र पुष्टि इस विज्ञप्ति के आधार पर नहीं की गई है।
अरविंद श्योराण, हरीश स्वरूप हुड्डा, Rohtak Bar Election 2026, District Bar Association Rohtak, Bar Council of India, रोहतक बार चुनाव विवाद
Rohtak News, Rohtak Bar Association, Rohtak Bar Election, Arvind Sheoran, Harish Swaroop Hooda, Bar Council of India, Haryana News, Rohtak Lawyers, Bar Election 2026
#RohtakBarElection #RohtakNews #ArvindSheoran #HarishSwaroopHooda #BarAssociation #BarCouncilOfIndia #Rohtak #HaryanaNews
