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हरियाणा में फ्रॉड कॉल रोकने के लिए स्वीडन की तकनीक का सहारा लेगी सरकार? सीएम सैनी ने Ericsson और Truecaller का किया दौरा

हरियाणा में फ्रॉड कॉल रोकने के लिए स्वीडन की तकनीक का सहारा लेगी सरकार? सीएम सैनी ने Ericsson और Truecaller का किया दौराहरियाणा में फ्रॉड कॉल रोकने के लिए स्वीडन की तकनीक का सहारा लेगी सरकार? सीएम सैनी ने Ericsson और Truecaller का किया दौरा

Truecaller की रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में भारत में 770 करोड़ फ्रॉड कॉल की पहचान हुई। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वीडन दौरे के दौरान डिजिटल सुरक्षा और साइबर धोखाधड़ी से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय तकनीकी सहयोग पर जोर दिया।

चंडीगढ़, 16 अक्टूबर 2026। हरियाणा में साइबर ठगी और फर्जी फोन कॉल की समस्या से निपटने के लिए आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने स्वीडन दौरे के दौरान दूरसंचार कंपनी Ericsson और कॉलर आइडेंटिफिकेशन प्लेटफॉर्म Truecaller के मुख्यालय का दौरा किया। इस दौरान संचार तकनीक, डिजिटल सुरक्षा, स्पैम कॉल की पहचान और वित्तीय धोखाधड़ी रोकने के उपायों पर चर्चा हुई।

हरियाणा सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री ने स्वीडन की तकनीकी कंपनियों और विशेषज्ञों को हरियाणा पुलिस की साइबर यूनिट के साथ सहयोग करने के लिए आमंत्रित किया। इसका उद्देश्य फर्जी मोबाइल कॉल और वित्तीय साइबर ठगी से निपटने के लिए तकनीकी समाधान तलाशना है। हालांकि, अभी तक इन मुलाकातों के आधार पर हरियाणा में किसी नई तकनीक को लागू करने या किसी कंपनी के साथ औपचारिक समझौता होने की पुष्टि नहीं हुई है।

भारत में एक साल में 770 करोड़ फ्रॉड कॉल की पहचान

फोन के जरिए होने वाली धोखाधड़ी की गंभीरता का अंदाजा Truecaller की 2025 की भारत संबंधी रिपोर्ट से लगाया जा सकता है। कंपनी की 11 फरवरी 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में उसके उपयोगकर्ता समुदाय के डेटा में भारत में लगभग 770 करोड़ फ्रॉड कॉल की पहचान हुई। https://www.truecaller.com/blog/insights/indias-spam-shield-truecaller-2025-report

रिपोर्ट में स्पैम कॉल से जुड़े अन्य आंकड़े भी सामने आए हैं:

4,168 करोड़ स्पैम कॉल: वर्ष 2025 में भारत में पहचानी गईं।

1,189 करोड़ स्पैम कॉल ब्लॉक: Truecaller के उपयोगकर्ता समुदाय ने ब्लॉक कीं।

770 करोड़ फ्रॉड कॉल: रिपोर्ट में धोखाधड़ी से संबंधित कॉल के रूप में पहचानी गईं।

12,903 करोड़ स्पैम संदेश: कंपनी के आंकड़ों में पहचाने गए।

यहां यह समझना जरूरी है कि स्पैम कॉल और फ्रॉड कॉल एक ही चीज नहीं हैं। स्पैम कॉल में अनचाही प्रचारात्मक या अन्य अवांछित कॉल भी शामिल हो सकती हैं, जबकि फ्रॉड कॉल का उद्देश्य लोगों को धोखा देकर उनसे पैसे या संवेदनशील जानकारी हासिल करना हो सकता है।

ये आंकड़े Truecaller के उपयोगकर्ता समुदाय से प्राप्त डेटा और उसकी पहचान प्रणाली पर आधारित हैं। इन्हें भारत में होने वाली सभी स्पैम या फ्रॉड कॉल की संपूर्ण सरकारी गणना नहीं माना जाना चाहिए।

Ericsson में रोबोटिक्स और संचार तकनीक पर चर्चा

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने Ericsson के मुख्यालय में आधुनिक संचार तकनीकों की जानकारी ली। हरियाणा सरकार की ओर से जारी प्रेस रिलीज़ के अनुसार, दुर्गम स्थानों पर आपात स्थितियों से निपटने के लिए विकसित की जा रही रोबोटिक्स तकनीक की कार्यप्रणाली का भी अवलोकन किया गया।

सरकार ने इन तकनीकों को हरियाणा की संचार व्यवस्था और आपदा प्रबंधन में अपनाने की संभावनाओं पर चर्चा की। हालांकि, इन तकनीकों को प्रदेश में लागू करने की समय-सीमा या किसी स्वीकृत परियोजना का विवरण जारी जानकारी में नहीं दिया गया।

Truecaller के साथ फर्जी कॉल रोकने पर चर्चा

Truecaller के मुख्यालय में कंपनी के सह-संस्थापक एलन मामेदी के साथ हुई बैठक में स्पैम कॉल की पहचान, धोखाधड़ी वाली कॉल और डिजिटल सुरक्षा से जुड़े उपायों पर चर्चा हुई।

फर्जी कॉल करने वाले कई बार बैंक, सरकारी विभाग, भुगतान सेवाओं या जानी-मानी कंपनियों का प्रतिनिधि बनकर लोगों से संपर्क करते हैं। वे लोगों को डराकर या तुरंत कार्रवाई करने का दबाव बनाकर बैंकिंग जानकारी, ओटीपी अथवा पैसे हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं।

कॉलर आइडेंटिफिकेशन और संदिग्ध नंबरों की पहचान करने वाली तकनीक ऐसी कॉल के जोखिम को पहचानने में मदद कर सकती है। लेकिन केवल कॉलर आईडी पर भरोसा करना पर्याप्त नहीं है, क्योंकि ठग अपनी पहचान छिपाने या किसी अन्य नंबर का इस्तेमाल करने की कोशिश कर सकते हैं।

हरियाणा पुलिस की साइबर यूनिट के साथ अंतरराष्ट्रीय सहयोग की संभावना

स्वीडन दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने डिजिटल सुरक्षा के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर जोर दिया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने स्वीडिश तकनीकी कंपनियों और विशेषज्ञों को हरियाणा पुलिस की साइबर यूनिट के साथ मिलकर फर्जी कॉल और वित्तीय धोखाधड़ी से निपटने के लिए तकनीकी हस्तक्षेप विकसित करने के लिए आमंत्रित किया।

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस दौरे के बाद किसी तकनीकी सहयोग, पायलट परियोजना, निवेश या औपचारिक समझौते की घोषणा होती है या नहीं। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि Truecaller या Ericsson की तकनीक हरियाणा में लागू करने का अंतिम निर्णय हो चुका है।

साइबर ठगी से बचने के लिए क्या करें?

विशेषज्ञों और साइबर सुरक्षा एजेंसियों की सामान्य सलाह के अनुसार, लोगों को अनजान कॉल पर बैंक विवरण, पासवर्ड, पिन या ओटीपी साझा नहीं करना चाहिए। बैंक खाते, केवाईसी या सरकारी कार्रवाई के नाम पर दबाव बनाने वाली कॉल को स्वतंत्र रूप से सत्यापित करना चाहिए।

यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी हो जाती है, तो उसे तुरंत अपने बैंक से संपर्क करना चाहिए और भारत के साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए। ऑनलाइन शिकायत के लिए राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल https://cybercrime.gov.in का उपयोग किया जा सकता है।

निष्कर्ष: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का स्वीडन दौरा हरियाणा में डिजिटल सुरक्षा और साइबर ठगी रोकने के लिए तकनीकी सहयोग की संभावनाओं को सामने लाता है। Truecaller की रिपोर्ट में दर्ज 770 करोड़ फ्रॉड कॉल का आंकड़ा समस्या के बड़े पैमाने को दिखाता है, लेकिन हरियाणा में नई तकनीक लागू होने का वास्तविक प्रभाव आगे होने वाले फैसलों और उनके क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।

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