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जींद हादसा: नहर में नहाने उतरे तीन दोस्त बहे, दो को बचाया, 11 वर्षीय अंकित का शव 14 घंटे बाद मिला | Tragic Drowning in Jind

जींद हादसा: नहर में नहाने उतरे तीन दोस्त बहे, दो को बचाया, 11 वर्षीय अंकित का शव 14 घंटे बाद मिला |जींद हादसा: नहर में नहाने उतरे तीन दोस्त बहे, दो को बचाया, 11 वर्षीय अंकित का शव 14 घंटे बाद मिला |

हरियाणा के जींद जिले में रविवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया, जब तीन दोस्त सुंदर ब्रांच नहर में नहाने के लिए उतरे और पानी के तेज बहाव में बह गए। ग्रामीणों की सतर्कता से दो बच्चों की जान तो बच गई, लेकिन 11 वर्षीय अंकित को नहीं बचाया जा सका। उसका शव करीब 14 घंटे बाद दो किलोमीटर दूर झाड़ियों में फंसा मिला।

नहर में पैर फिसला, तीनों बच्चे गहराई में बह गए

यह घटना जींद के जुलाना क्षेत्र के करेला गांव के पास की है, जहां सुंदर ब्रांच नहर बहती है। रविवार शाम करीब 6 बजे झमौला गांव निवासी सुरेंद्र का 11 वर्षीय बेटा अंकित, 10 वर्षीय अनमोल और 11 वर्षीय वंश पानी लेने नहर पर पहुंचे। तीनों बच्चों को तैरना नहीं आता था, लेकिन वे किनारे पर ही नहाने लगे। इस दौरान अचानक उनका पैर फिसल गया और वे गहराई की ओर बह गए।

पास में मौजूद ग्रामीणों ने तुरंत कूदकर अनमोल और वंश को बचा लिया, लेकिन अंकित कुछ ही क्षणों में पानी में डूब गया और गायब हो गया।

गांव के युवाओं ने पूरी रात खोजबीन की, सुबह मिला शव

बच्चे के डूबने की खबर गांव के व्हाट्सऐप ग्रुप और माइक अनाउंसमेंट के जरिए फैली। इसके बाद गांव के 50 से ज्यादा युवा तैराक नहर पर पहुंचे और रातभर खोजबीन करते रहे। सुबह 5 बजे फिर से तलाशी शुरू हुई और अंततः अंकित का शव दो किलोमीटर दूर झाड़ियों में फंसा मिला।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और बाद में परिजनों को सौंप दिया।

इकलौते बेटे को खोकर टूटा परिवार, पहले भी दो बेटे गंवा चुका था पिता

अंकित अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसके पिता सुरेंद्र मजदूरी करते हैं और घटना के समय काम पर थे। उन्हें शाम को घर लौटने पर इस दुखद हादसे की जानकारी मिली। इससे पहले भी सुरेंद्र के दो बेटे जन्म के तुरंत बाद ही चल बसे थे। अंकित स्वस्थ था और पढ़ाई में होशियार भी, जिससे परिवार को उस पर भविष्य की उम्मीदें थीं। लेकिन यह सपना भी अधूरा रह गया।

खतरनाक नहर, चेतावनी बोर्ड भी बेअसर

सुंदर ब्रांच नहर काफी चौड़ी और गहरी है। बीते दो वर्षों में यहां डूबने से 4–5 मौतें हो चुकी हैं। प्रशासन ने नहर के किनारे चेतावनी बोर्ड भी लगाए हैं, लेकिन लोग नहाने से बाज नहीं आते। यह हादसा भी लापरवाही का नतीजा साबित हुआ।

थाना प्रभारी भी उतरे पानी में, अंगूठी खो दी

खोजबीन में ग्रामीणों का उत्साह बढ़ाने के लिए जुलाना थाना प्रभारी विरेंद्र सिंह स्वयं भी नहर में उतर गए और काफी देर तक खोजबीन करते रहे। इस दौरान उनकी सोने की अंगूठी पानी में गिर गई, लेकिन वह बच्चा नहीं मिला।


🕯️ यह हादसा एक बार फिर चेतावनी देता है कि प्राकृतिक जलस्रोतों में नहाने की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। प्रशासन को सख्ती और जनजागरूकता दोनों की ज़रूरत है।

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