हरियाणा बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बडौली और रॉकी मित्तल के खिलाफ दर्ज दुष्कर्म मामले में एक नया मोड़ आ गया है। कसौली कोर्ट द्वारा कैंसलेशन रिपोर्ट (सीआर) के बाद बंद किए गए इस केस को पीड़िता ने सेशन कोर्ट में चुनौती दी है, जिससे बीजेपी नेता की मुश्किलें फिर से बढ़ गई हैं।
कैंसलेशन रिपोर्ट को दी गई चुनौती
कसौली पुलिस ने साक्ष्यों के अभाव में इस केस को बंद करने की रिपोर्ट कोर्ट में पेश की थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया था। लेकिन पीड़िता ने इस फैसले को चुनौती देते हुए सेशन कोर्ट में अपील दायर की है। अब कोर्ट इस मामले में सुनवाई करेगी और कानून विशेषज्ञों के अनुसार, या तो रिपोर्ट को खारिज किया जा सकता है या फिर मामले की आगे सुनवाई होगी।
क्या है पूरा मामला?
दिल्ली की एक महिला ने दिसंबर 2023 में कसौली पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने आरोप लगाया था कि जुलाई 2023 में कसौली के एक होटल में मोहनलाल बडौली और रॉकी मित्तल ने उसके साथ दुष्कर्म किया।
जांच में नहीं मिले पुख्ता सबूत
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पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद होटल में जांच की और महिला को मेडिकल के लिए भेजा, लेकिन उसने मेडिकल कराने से इनकार कर दिया।
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पुलिस ने हरियाणा जाकर दोनों आरोपियों से पूछताछ की, लेकिन डेढ़ साल पुराने इस मामले में कोई ठोस सबूत नहीं मिले।
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पुलिस ने इसे कमजोर मामला बताते हुए कैंसलेशन रिपोर्ट कोर्ट में पेश कर दी, जिसे स्वीकार कर लिया गया था।
अब क्या होगा?
अब सेशन कोर्ट में इस केस की सुनवाई होगी, और इस पर फैसला आने तक बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बडौली और रॉकी मित्तल की कानूनी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
यह केस हरियाणा की राजनीति में हलचल मचा सकता है। अब देखना होगा कि कोर्ट इस पर क्या निर्णय लेती है। #HaryanaNews #BJPPresidentCase #RapeCase #LegalBattle #MohalLalBadoli #RockyMittal