भिवानी/चरखी दादरी। चरखी दादरी में सिटी थाना के सामने हुई फायरिंग के मामले में गिरफ्तार आरोपी अमरदीप उर्फ पंकज को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद पुलिस ने शहर में घुमाया। आरोपी को 12 अगस्त को गोपालवास के पास पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया गया था। मुठभेड़ में उसके दोनों पैरों में गोली लगी थी।
पुलिस के मुताबिक, अमरदीप इस मामले के मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल है और उसके खिलाफ पहले से एक दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने उसके कब्जे से अवैध हथियार बरामद करने का भी दावा किया है।
अमित फतेहगढ़िया की हत्या की साजिश का आरोप
पुलिस जांच के अनुसार, अमरदीप पर अमित फतेहगढ़िया की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। बताया जा रहा है कि शराब और टोल के ठेके को लेकर दोनों पक्षों के बीच रंजिश चल रही थी।
इसी रंजिश के चलते 6 अगस्त को कोर्ट के पास अमित फतेहगढ़िया समेत सात लोगों पर करीब 30 राउंड फायरिंग की गई थी। गोलीबारी में कई लोग घायल हुए थे। घायलों में हिसार निवासी कीर्तिमान भी शामिल था, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।
छह दिन में दूसरी मुठभेड़
दादरी फायरिंग मामले में पुलिस और आरोपियों के बीच छह दिन के भीतर यह दूसरी मुठभेड़ थी।
7 अगस्त को बौंद-कलानौर रोड पर चेकिंग के दौरान पुलिस की रोहित उर्फ कातिया से मुठभेड़ हुई थी। पुलिस के अनुसार, इस दौरान रोहित के पैर में गोली लगी थी।
इसके बाद 12 अगस्त को गोपालवास के पास अमरदीप उर्फ पंकज के साथ पुलिस की मुठभेड़ हुई। दोनों पैरों में गोली लगने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार पूरा होने के बाद गुरुवार को उसे अस्पताल से छुट्टी मिली, जिसके बाद पुलिस उसे शहर में लेकर गई।
घायलों के शरीर से निकाली गईं 20 गोलियां
फायरिंग की घटना में घायल लोगों को पहले रोहतक के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में अमित फतेहगढ़िया और कीर्तिमान को गुरुग्राम रेफर किया गया।
पुलिस के अनुसार, घायलों के शरीर से कुल 20 गोलियां निकाली गई थीं। इनमें कीर्तिमान के पैर और गर्दन से तीन, कृष्ण के हाथ-पैर और छाती से चार, अमित के कमर और पैरों से सात, अंकित मानकावास के शरीर से चार और अंकित भिवानी के पैर व पेट से दो गोलियां निकाली गईं। इलाज के दौरान कीर्तिमान की मौत हो गई।
मामले में अब तक 8 आरोपी गिरफ्तार
दादरी पुलिस के अनुसार, फायरिंग मामले में अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार आरोपियों में रोहित कातिया, प्रीत, युद्धबिंद्र, शिवकांत उर्फ नीतिन, विश्वजीत ढिल्लू, सचिन उर्फ रोट, रोहित बाबा बलियाणा और अमरदीप उर्फ पंकज शामिल हैं।
पुलिस अब आरोपियों की भूमिका, फायरिंग की वजह और इसके पीछे की पूरी साजिश की जांच कर रही है।
नोट: पुलिस द्वारा लगाए गए आरोप जांच का हिस्सा हैं। मामले में अंतिम दोषसिद्धि अदालत के निर्णय पर निर्भर करेगी।