• Wed. Sep 2nd, 2026

हरियाणा विधानसभा शीतकालीन सत्र को अभय चौटाला ने बताया एक तरफा ,अनिल विज को इस्तीफा देने की दी सलाह

हरियाणा।हरियाणा विधानसभा सत्र को अभय चौटाला ने एक तरफा बताते हुए सवाल उठाये हैं । हरियाणा में तीन दिवसीय विधानसभा शीतकालीन सत्र का आगाज दिसंबर में होगा। इसके लिए पहले से ही विपक्ष ने सरकार को अनेकों मुद्दों पर घेरने की पूरी- पूरी तैयारी कर ली है। एक तरफ कांग्रेस ने छह दिसंबर को विधायक दल की बैठक बुला ली है। वहीं, सदन में स्वास्थ्य महकमे से जुड़े सवालों के जवाब में अभी भी पेंच फंसा है।निर्दलीय और इनेलो विधायक जहां सरकार से पूछे जाने वाले सवाल विधानसभा सचिवालय में भेज रहे हैं, वहीं हरियाणा कांग्रेस ने शीतकालीन सत्र की रणनीति तैयार करने के लिए छह दिसंबर को विधायक दल की बैठक बुलाई है।

आपको बता दें कि हरियाणा विधानसभा का शीतकालीन सत्र 15 दिसंबर शुक्रवार को शुरू होगा और 19 दिसंबर तक चलेगा। हालांकि दो दिन 16 दिसंबर शनिवार और 17 दिसंबर रविवार को अवकाश रहेगा। सदन की कार्यवाही सोमवार को सुबह 11 बजे शुरू होगी और मंगलवार तक जारी रहेगी। हालांकि सत्रावधि का अंतिम फैसला बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में लिया जाएगा।

जहरीली शराब से लेकर इन मुद्दों पर हरियाणा सरकार को घेरेगा विपक्ष
विधानसभा में सभी राजनीतिक दल एक दूसरे की घेराबंदी करने का कोई मौका नहीं छोड़ते। यमुनानगर व अंबाला जिले में जहरीली शराब पीने से 20 लोगों की मौत हो चुकी है। विधानसभा में इस मुद्दे पर विपक्ष की ओर से भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार से सवाल पूछे जाएंगे। राज्य की कानून व्यवस्था, किसानों को मुआवजा मिलने में हो रही देरी तथा कर्मचारियों के लिए ओल्ड पेंशन स्कीम के मुद्दे पर विपक्ष की ओर से सरकार की घेराबंदी की जा सकती है।

अभय चौटाला ने उठाये सवाल
इनेलो विधायक अभय सिंह चौटाला ने विधानसभा सत्र की संभावित तीन दिन की अवधि पर सवाल उठाए हैं। अभय चौटाला ने कहा कि यह तीन दिन का सत्र न होकर विधानसभा की तीन सीटिंग का सत्र है, जिसमें विधायकों को अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों की समस्याएं रखने का पूरा समय नहीं मिल सकेगा।अभय सिंह चौटाला ने कहा कि तीन सीटिंग की विधानसभा की कार्यवाही को सत्र का नाम देना उचित नहीं है। इन सीटिंग के दौरान एक विधायक को सिर्फ तीन मिनट बोलने का समय मिलेगा, वह भी तब, तब कार्यवाही पूरी तरह से सामान्य व शांतिपूर्ण ढंग से चलती रहे।अभय सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार स्पीकर को इशारा कर विपक्ष के विधायकों को बोलने नहीं देती। इस बार इनेलो राज्य की बिगड़ी कानून व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा, किसानों की दुर्दशा तथा जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मुद्दों को जोरदार ढंग से उठाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *