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हरियाणा में रोहतक पीजीआई के डॉक्टर बने भगवान ,हादसे में छाती फटी….. 10 घंटे ऑपरेशन के बाद मरीज को दिया नया जीवन

हरियाणा ।हरियाणा में रोहतक पीजीआई के डॉक्टर मरीज के लिए भगवान साबित हुए हैं।पीजीआईएमएस रोहतक के चिकित्सकों ने एक बार फिर से मौत के मुंह में जा चुके एक मरीज को नया जीवन दान दिया है। मरीज को नया जीवनदान देने का कारनामा कार्डियक सर्जरी, प्लास्टिक सर्जरी विभाग के चिकित्सकों की टीम ने कार्डियक एनेस्थिसिया व हड्डी रोग विभाग की टीम के साथ मिलकर किया है। पीजीआईएमएस निदेशक डॉ. एसएस लोहचब ने बताया कि पिछले दिनों एक अज्ञात व्यक्ति पानीपत में एक गंभीर ट्रेन दुर्घटना का शिकार हो गया था, जिसे पुलिस काफी गंभीर हालत में लेकर ट्रॉमा सेंटर पहुंची। जहां जांच करने पर चिकित्सकों ने पाया कि उसकी छाती सीधी फटी हुई थी। बाईं ओर की पसलियां पूरी तरह से टूटी हुई थीं, उसका फेफड़ा और दिल एक बड़े गैप से बाहर निकला हुआ था।

हादसे में छाती फटी, दिल-फेफड़े निकले बाहर, 10 घंटे चला ऑपरेशन... मरीज को मौत के मुंह से निकाल लाए PGI के डॉक्टर - pgims doctors operated the patient for 10 hours and

आघात छाती और पेट के ऊपर की त्वचा के खराब होने तक बढ़ गया। साथ ही मस्तिष्क में हेमेटोमा भी हो गया। ऐसे में चिकित्सकों ने देखा की मरीज के बचने की संभावना नहीं के बराबर है। फिर भी मरीज को तुरंत कार्डियक सर्जरी विभाग रेफर किया गया। जहां पर कार्डियक सर्जन एवं पीजीआईएमएस निदेशक डॉ. एसएस लोहचब ने अपने साथ कार्डियक एनेस्थिसिया की डॉ. गीता, ओर्थो सर्जन डॉ. राज सिंह, प्लास्टिक सर्जन डॉ. अभिषेक को टीम में शामिल कर मरीज का ऑप्रेशन शुरू किया।

मरीज की हालत बहुत ज्यादा खराब थी
डॉ. लोहचब ने बताया कि मरीज की हालत बहुत ज्यादा खराब थी। ऐसे में बहुत ज्यादा सटीकता के साथ ऑप्रेशन किया गया। नहीं तो मरीज की जान जा सकती थी । करीब 10 घंटे चले ऑप्रेशन में व्यापक चोटों के कारण टाइटेनियम कृत्रिम पसलियों का उपयोग करके पूरे बाईं ओर की पसली के केज के पुनर्निर्माण की आवश्यकता पड़ी और मरीज का सफल ऑप्रेशन हुआ। उन्होंने बताया कि प्रारंभ में बेहोश अवस्था में होने के चलते मरीज अज्ञात था। सोमवार रात को उसे होश आया तो उसने अपना नाम और पता सांझा किया, जिससे कार्डिएक सर्जरी आईसीयू में मेडिकल स्टाफ में खुशी की लहर दौड़ गई और उन्होंने तुरंत उसके परिजनों को मरीज के बारे में बताया।

 

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