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Haryana Police : एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने मानसिक रूप से बीमार 6 वर्ष से लापता लड़की को परिजनों से मिलवाया

Haryana Police :हरियाणा पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने पिछले 6 साल से प्रयागराज उत्तर प्रदेश से लापता 12 वर्षीय लड़की को उसके परिजनों से मिलवाने में सफलता प्राप्त की है। यह लड़की मानसिक रूप से बीमार है और पिछले 6 साल से लापता थी। इस किशोरी को स्टेट क्राइम ब्रांच की एन्टी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट पंचकूला में कार्यरत एएसआई राजेश कुमार की कड़ी मेहनत व संवेदनशीलता की वजह से तलाश किया गया है। इसके लिए पुलिस महानिदेशक श्री शत्रुजीत कपूर ने उन्हें अपनी शुभकामनाएं दी और भविष्य में भी इसी प्रकार मेहनत व लगन के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

क्या था मामला

हरियाणा पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट को 29 जनवरी 2024 को सूचना प्राप्त हुई कि एक गुमशुदा लड़की जिसकी आयु लगभग 18 वर्ष (वर्तमान आयु) है, नारायणगढ़ स्थित चाइल्ड केअर इंस्टीट्यूट में रह रही है। यह लड़की 6 साल से यमुनानगर बाल कुंज छछरौली में रह रही थी जोकि 21 नवंबर 2019 में रेलवे स्टेशन अंबाला पर लावारिस हालत में मिली थी। इस मामले की जांच एएसआई राजेश कुमार को सौंपी गई। एएसआई राजेश कुमार ने गुमशुदा लड़की से वीडियो कॉलिंग करते हुए उसकी कई बार काउंसलिंग की । चूंकि लड़की मानसिक रूप से बीमार थी तो वह अपने बारे में ज्यादा जानकारी देने में सक्षम नहीं थी। वह केवल बार-बार मुगलसराय नामक एक शब्द बोल रही थी जिसे आधार मानकर गुमशुदा लड़की की पहचान करने के लिए प्रयास शुरू किए गए। इस मामले में हरियाणा सहित उत्तर प्रदेश के पुलिस थानों में भी संपर्क किया गया। इस मामले में लड़की की आवाज की रिकॉर्डिंग करके तथा कई स्थानों पर मिले छोटे-छोटे सुराग से तार जोड़ते हुए उसके परिवार की तलाश की गई। परिवार के सदस्यों ने वीडियो कॉल के जरिए किशोरी को पहचान लिया जिसके बाद गुमशुदा लड़की को उसके परिवार के सदस्यों को सौंप दिया गया ।

उन्होंने बताया कि 6 साल बाद अपनी बेटी को पाकर परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं था और खुशी से उनकी आंखों से लगातार आंसू बह रहे थे। यह क्षण वाकई बहुत भावुक करने वाला था जिसने आसपास के सभी पुलिसकर्मियों की आंखों को नम कर दिया। परिजनों का कहना था कि उन्होंने उम्मीद ही छोड़ दी थी कि उन्हें अपनी बेटी कभी वापस भी मिलेगी लेकिन हरियाणा पुलिस के प्रयासों तथा संवेदनशीलता के चलते आखिरकार उन्हें अपनी बेटी वापस मिल गई।

किशोरी की माता ने बताया कि उनकी लड़की वर्ष 2019 में हरिया रेलवे स्टेशन से बिछड़ गई थी और वह थोड़ा मानसिक बीमार भी है। उसे बोलने में और समझने में बहुत मुश्किल होती है। उन्होंने इसके लिए हरियाणा पुलिस का कोटि-कोटि आभार जाता है।

 

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