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कुमारी शैलजा ने आशा वर्करों को लेकर करारा ट्वीट करके खट्टर सरकार पर निशाना,’तख्त, ताज भी तुम्हारे लेकिन याद रहे…

Byalakhharyana@123

Sep 12, 2023

हरियाणा। हरियाणा में लम्बे समय से जारी आशा वर्करों की हड़ताल को लेकर खट्टर सरकार विपक्ष के ट्वीट के जरिये निशाने पर आती रहती है। ऐसे ही अब प्रदेश कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और छतीसगढ़ प्रभारी कुमारी शैलजा ने आशा वर्करों की हड़ताल को लेकर ट्वीट करके मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट कर हरियाणा में हड़ताल पर बैठी आशा वर्करों ने 25 सितंबर को प्रदेश भर में जेल भरो आंदोलन चलाने को लकेर सरकार को मूकबधिर कहा है।

हरियाणा में आशा वर्करों की हड़ताल लंबे समय से जारी है। जिसको लेकर कुमारी शैलजा ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि खट्टर सरकार मूकबधिर बनीं बैठी है।उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि “आज तख्त भी तुम्हारा है, ताज भी तुम्हारा है, किंतु याद रहे साहेब ये वक़्त बहुत जल्द बदलने वाला है। कांग्रेस नेता कुमारी शैलजा ने आगे लिखा कि वेतनमान बढ़ाने और नियमित करने हेतु लगभग एक माह से हड़ताल पर बैठी आशा वर्कर्स को खट्टर सरकार ने सिर्फ़ निराशा और चुप्पी का उपहार दिया है। आशा वर्कर्स की मांगों को पूर्ण रूप से नज़र अंदाज़ कर मूकबधिर बनीं खट्टर सरकार जाग जाए क्योंकि भाजपा की शून्य क्रियान्वयन क्षमता से हर वर्ग हताश व निराश है। जिसका प्रमाण जल्द देखने को मिलेगा।

आपको बता दें कि पिछले काफी दिनों से हरियाणा में हड़ताल पर बैठी आशा वर्करों ने 25 सितंबर को प्रदेश भर में जेल भरो आंदोलन चलाने का फैसला किया है। 15 सितंबर को आशा वर्कर केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के घर के बाहर प्रदर्शन करने वाली है। आशा वर्करों की हड़ताल 27 सितंबर तक जारी रहने वाली है। रविवार को रोहतक में आशा वर्कर्स यूनियन इसको लेकर फैसला लिया है।

आशा वर्कर्स यूनियन की प्रदेशाध्यक्ष सुरेखा का कहना है कि सरकार के मुखिया के पास आशा वर्करों से बातचीत करने का भी समय नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के मुख्य सचिव की ओर से 13 सितंबर को बातचीत करने का बुलावा आया है। उनका सरकार से अनुरोध है कि आशा वर्कर्स की मांगों का निपटारा सम्मानजनक तरीके से किया जाए। आपको बता दें कि आशा वर्कर्स की मांग है कि सरकार उनका न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपए करे। इसको लेकर आशा वर्कर लगातार सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन कर रही हैं। वहीं आशा वर्कर्स सरकारी कर्मचारी का दर्जा लेने की मांग भी कर रही है।

 

 

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