24 घंटे के लिए थम गई गांव की जिंदगी! न कोई बाहर गया, न कोई अंदर आया… रोहतक के इस गांव में आज भी जिंदा है 300 साल पुरानी परंपरा
रोहतक/महम: कल्पना कीजिए… रात के 12 बजते ही पूरा गांव जैसे थम जाए। सड़कें खाली… गांव की सीमाओं पर पहरा… कोई ग्रामीण बाहर नहीं जा सकता और किसी बाहरी व्यक्ति…