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रोहतक: BJP नेत्री के पति का सुसाइड नोट सामने आया, तीन लोगों पर गंभीर आरोप; 32 करोड़ की रकम का भी जिक्र

रोहतक: BJP नेत्री के पति का सुसाइड नोट सामने आया, तीन लोगों पर गंभीर आरोप; 32 करोड़ की रकम का भी जिक्ररोहतक: BJP नेत्री के पति का सुसाइड नोट सामने आया, तीन लोगों पर गंभीर आरोप; 32 करोड़ की रकम का भी जिक्र

रोहतक: BJP नेत्री के पति का सुसाइड नोट सामने आया, तीन लोगों पर गंभीर आरोप; 32 करोड़ की रकम का भी जिक्र

रोहतक। हरियाणा के रोहतक में भाजपा नेत्री दीपिका नारा के पति और एडवोकेट प्रदीप नारा की मौत के मामले में नया मोड़ सामने आया है। पुलिस को मिले सुसाइड नोट में प्रदीप नारा ने तीन लोगों को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार बताया है। नोट में दिसंबर 2025 में मध्य प्रदेश के उमरिया में उनके साथ कथित तौर पर मारपीट और जानलेवा हमले का भी जिक्र किया गया है।

प्रदीप नारा का शव 30 सितंबर की शाम अंबेडकर चौक स्थित कांग्रेस भवन के बाहर खड़ी उनकी सफेद स्कॉर्पियो में मिला था। पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का है। हालांकि, परिजनों ने घटना के बाद हत्या की आशंका जताई थी।

सुसाइड नोट में तीन लोगों के नाम

पुलिस के अनुसार, प्रदीप नारा के कथित सुसाइड नोट में महेंद्र सिंह, रोहित और महिपाल सिंह को उनकी मौत के लिए जिम्मेदार बताया गया है।

नोट में आरोप लगाया गया है कि दिसंबर 2025 में उन्हें मध्य प्रदेश के एक होटल से कथित तौर पर ले जाया गया और उनके साथ मारपीट की गई। इसके बाद उन्हें जंगल क्षेत्र में छोड़ने की बात भी लिखी गई है।

सुसाइड नोट में यह भी आरोप लगाया गया है कि बिजनेस से संबंधित भुगतान को लेकर विवाद चल रहा था और करीब 2.88 करोड़ रुपये की बकाया पेमेंट का जिक्र किया गया है। साथ ही, नोट में कटनी स्थित एक प्लॉट को लेकर विवाद और चेक बाउंस होने की बात भी लिखी गई है।

पुलिस ने सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों की जांच शुरू कर दी है। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है।

पिता ने दिसंबर 2025 की घटना को लेकर क्या कहा?

प्रदीप नारा के पिता देवेंद्र नारा ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि 17 दिसंबर 2025 को उनका बेटा मध्य प्रदेश के उमरिया स्थित एक होटल में ठहरा हुआ था। इसी दौरान कुछ लोग वहां पहुंचे और उसे अपने साथ ले गए।

परिजनों का आरोप है कि प्रदीप के साथ रास्ते में मारपीट की गई और बाद में उसे जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया गया। परिवार के मुताबिक, कुछ समय बाद प्रदीप को होश आया और वह घायल अवस्था में वहां से निकलकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचा।

परिवार का यह भी दावा है कि इस मामले में जनवरी 2026 में रोहतक के शिवाजी कॉलोनी थाने में जीरो FIR दर्ज कराई गई थी, जिसे आगे मध्य प्रदेश पुलिस को भेजा गया।

इस मामले में पुलिस की ओर से जांच और कार्रवाई की स्थिति की जानकारी सामने आना अभी बाकी है।

32 करोड़ रुपये से अधिक के भुगतान का भी विवाद

प्रदीप नारा के पिता ने आरोप लगाया कि कारोबार से जुड़े भुगतान को लेकर भी लंबे समय से विवाद चल रहा था। उनके अनुसार, करीब 32 करोड़ रुपये से अधिक के चेक जारी किए गए थे, जिनमें से कई चेक भुगतान के लिए लगाए जाने के बाद बाउंस हो गए।

परिवार के मुताबिक, प्रदीप की कंपनी पीके कंस्ट्रक्शन से जुड़े करीब 17.70 करोड़ रुपये और अन्य करीब 14.38 करोड़ रुपये की रकम के चेक शामिल थे।

परिजनों का आरोप है कि भुगतान के लिए बैंक में चेक लगाए जाने के बाद खाते में पर्याप्त राशि नहीं मिली और बाद में भुगतान रोक दिया गया। परिवार इस मामले में कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा था।

इन वित्तीय आरोपों और चेक से जुड़े विवादों की पुष्टि संबंधित दस्तावेजों और जांच के आधार पर होनी बाकी है।

पुलिस ने 10 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया

आर्य नगर थाना पुलिस के अनुसार, मृतक के परिजनों की शिकायत और सुसाइड नोट के आधार पर 10 लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में केस दर्ज किया गया है।

पुलिस के मुताबिक, मामले में रोहित नारा, महेंद्र नारा उर्फ महेंद्र सिंह, हर्ष नारा, दीपक नारा, अजय नारा, अभिमन्यु नारा, महिपाल नारा उर्फ महिपाल सिंह, महाबीर सहावत, सविन्द्र और आशीष पांडेय के नाम शामिल हैं।

पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है और जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

परिवार ने घटना पर उठाए थे सवाल

30 सितंबर को प्रदीप नारा का शव स्कॉर्पियो में मिलने के बाद परिवार ने घटना को लेकर सवाल उठाए थे। परिजनों ने इसे सामान्य आत्महत्या मानने के बजाय पूरे मामले की जांच की मांग की थी।

अब सुसाइड नोट सामने आने और पुलिस द्वारा मामला दर्ज किए जाने के बाद जांच का दायरा बढ़ गया है। पुलिस सुसाइड नोट, परिजनों के आरोप, पुराने विवाद और आर्थिक लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।

फिलहाल पुलिस जांच जारी है। आरोपों की पुष्टि जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।

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