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हरियाणा में मुख्य सचिव का डीसी/एसपी को सख्त आदेश, दस दिन के अंदर स्कूली बसों की फिटनेस करें चेक

चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्य सचिव टी.वी.एस.एन. प्रसाद ने आज नागरिक और पुलिस प्रशासन को अगले 10 दिनों के भीतर प्रत्येक स्कूल बस और उनके फिटनेस मानक का निरीक्षण करने के कड़े निर्देश जारी किए। मुख्य सचिव महेंद्रगढ़ जिले में हुई दुखद घटना जिसमे लापरवाही के कारण छोटे स्कूली बच्चों की जान चली गई और कई घायल हो गए को लेकर एक आपातकालीन बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। स्कूलों में सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित इस बैठक में डिवीज़नल कमिश्नर, उपायुक्त, रेंज एडीजीपी, सीपी और जिला एसपी शामिल थे। यह बहुत महत्वपूर्ण है कि सुरक्षित परिवहन सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों द्वारा अनफिट बसों को तुरंत नई बसों से बदलकर प्रशिक्षित ड्राइवरों को नियुक्त किया जाए। यदि कोई स्कूल निर्देशों का पालन करने में विफल रहता है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त और अनुकरणीय कार्रवाई की जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि कनीना में युवा जिंदगियों की हानि प्रदेश के लिए एक बहुत ही दुखद घटना है, जिसके लिए गहन और विस्तृत आत्मनिरीक्षण और कार्रवाई की आवश्यकता है। मुख्य सचिव ने कहा कि लोक सेवक के रूप में, यह सुनिश्चित करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि स्कूली बच्चों को उच्चतम मानक की सुरक्षित परिवहन सुविधाएं मिलें।

उन्होंने कहा कि इस दुखद घटना में शामिल सभी व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, चाहे उनकी पहचान कुछ भी हो। लाभ के लिए मासूम बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। सख्त अनुकरणीय कार्रवाई से ऐसे घृणित कार्यों में शामिल लोगों में डर पैदा होना चाहिए।

टी.वी.एस.एन. प्रसाद ने कहा कि सुरक्षा उद्देश्यों के लिए संबंधित विभागों द्वारा कई नीतियां और दिशानिर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं। हालाँकि, इन उपायों का प्रभावी कार्यान्वयन फील्ड अधिकारियों पर निर्भर है। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को आगाह किया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति होने पर वरिष्ठ स्तर पर भी निर्णायक एवं अभूतपूर्व कार्रवाई की जाएगी।

टी.वी.एस.एन. प्रसाद ने कहा कि सभी अधिकारियों को स्कूल प्रबंधन द्वारा अनफिट स्कूल बसों को नई बसों से बदलना सुनिश्चित करना चाहिए। इसके अतिरिक्त, उन्हें स्क्रीनिंग करनी चाहिए और सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रशिक्षित ड्राइवर कार्यरत हैं। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा के लिए संबंधित अधिकारियों द्वारा जारी किए गए सुरक्षा दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए समस्त स्कूल प्रणाली में एक स्पष्ट संदेश भेजने के लिए प्रभावशाली स्कूल प्रबंधनों की कड़ी निगरानी को प्राथमिकता देने के भी निर्देश दिए। मैं व्यक्तिगत रूप से स्थिति की बारीकी से निगरानी करने और 10 दिनों के बाद इसकी समीक्षा करूंगा । उन्होंने आगे कहा कि हम प्रत्यक्ष सुधार की मांग करते हैं और इससे कम पर हम राजी नहीं होंगे।

हरियाणा को स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक मॉडल राज्य के रूप में उदाहरण स्थापित करना चाहिए। इसका मतलब है सर्वोत्तम बसें और सर्वोत्तम ड्राइवर। जारी निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक विभाग को समन्वय बनाकर कार्य करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि हमारी संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्यारे बच्चों को खो दिया है। हमें उच्चतम स्तर की सख्ती और सुरक्षा मानकों को लागू करने के लिए तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। हम उन माता-पिता के प्रति ऋणी हैं जिन्होंने इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में अपने बच्चों को खो दिया। जो त्रासदी घटित हुई है उसे हम समाप्त नहीं कर सकते, लेकिन ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के लिए हम अपनी शक्ति में सब कुछ कर सकते हैं और करना ही चाहिए। हमारे बच्चे इससे कम के पात्र नहीं हैं।

पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने बैठक में बताया कि चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को हरियाणा 112 के साथ पहले से ही एकीकृत किया गया है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि सभी कॉल आपातकालीन नंबर पर पहुंचें। इसके अलावा, उन्होंने सुरक्षित स्कूल वाहन नीति की देखरेख करने वाली जिला-स्तरीय समितियों की परिचालन दक्षता की गहन समीक्षा की सिफारिश की।

अतिरिक्त मुख्य सचिव स्कूल शिक्षा, डॉ. जी अनुपमा ने मुख्य सचिव को अवगत करवाया कि इस मामले में 3 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और जिला शिक्षा अधिकारी ने स्कूल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसके अलावा, महेंद्रगढ़ जिला नगर आयुक्त द्वारा पहले ही स्कूल प्रबंधन को टेकओवर किया जा चुका है।

परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव नवदीप सिंह विर्क ने मुख्य सचिव को मौजूदा सुरक्षित स्कूल वाहन नीति के बारे में जानकारी दी, जो स्कूली बच्चों के सुरक्षित परिवहन को सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है और समय-समय पर जिला प्रशासन द्वारा निगरानी की जाती है। उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में, विभाग द्वारा प्रत्येक स्कूल बस में स्पीड गवर्नर की स्थापना और इसके सञ्चालन को सुनिश्चित किया जायेगा। इसके अलावा, स्कूल बसों की जांच के लिए एक योजना बनाकर उसे लागू किया जाएगा।

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