• Sun. Aug 23rd, 2026

फरीदाबाद में 8 हजार मकानों पर संकट: RRTS और एलिवेटेड रोड परियोजना की जद में नेहरू कॉलोनी, 1 लाख लोग प्रभावित

8,000 घरों पर संकट! 😱 1 लाख लोग होंगे बेघर? 🏠 नेहरू कॉलोनी में हड़कंप 🔥 RRTS प्रोजेक्ट का बड़ा असर8,000 घरों पर संकट! 😱 1 लाख लोग होंगे बेघर? 🏠 नेहरू कॉलोनी में हड़कंप 🔥 RRTS प्रोजेक्ट का बड़ा असर

फरीदाबाद। शहर की नेहरू कॉलोनी में रहने वाले हजारों परिवारों के सामने बेघर होने का खतरा मंडरा रहा है। नमो भारत रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर और प्रस्तावित एलिवेटेड रोड परियोजना के लिए नगर निगम ने बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। कॉलोनी के करीब 8 हजार मकान इस कार्रवाई की जद में हैं, जिनमें लगभग एक लाख लोग निवास करते हैं।

हाल ही में इलाके में स्थित धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई के बाद अब नगर निगम की टीम नेहरू कॉलोनी तक पहुंच चुकी है। निवासियों को नोटिस जारी कर मकान खाली करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में चिंता और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।

सामान समेटने को मजबूर परिवार

नोटिस मिलने के बाद कई परिवार अपने घरों से सामान निकालकर दूसरी जगह भेजने लगे हैं। कुछ लोगों ने मकानों को स्वयं तोड़ना भी शुरू कर दिया है, जबकि बड़ी संख्या में लोग अब भी अपने घर छोड़ने को तैयार नहीं हैं। कई स्थानों पर बिजली और पानी के कनेक्शन भी हटाए जा रहे हैं।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे पिछले 40 से 50 वर्षों से यहां रह रहे हैं। उनके पास बिजली-पानी के बिल, वोटर आईडी और अन्य सरकारी दस्तावेज मौजूद हैं। उनका सवाल है कि जब वर्षों तक उन्हें वैध नागरिक माना गया, चुनावों में वोट डलवाए गए, तो अब अचानक उनके घरों को अवैध कैसे घोषित किया जा रहा है।

“न जिंदा हैं, न मरे हुए”

स्थानीय निवासी हेमराज बताते हैं कि मकान खाली करने के आदेश के बाद उनका पूरा जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे और लोग कामकाज छोड़कर घरों के बाहर बैठे हैं। उनका कहना है कि भविष्य की चिंता ने लोगों की नींद छीन ली है।

वहीं शिवकुमार का कहना है कि उनका जन्म इसी कॉलोनी में हुआ और उनके परिवार को यहां बसे लगभग 50 साल हो चुके हैं। सरकार घर तो खाली करवा रही है, लेकिन पुनर्वास या वैकल्पिक आवास की कोई स्पष्ट व्यवस्था नहीं दिखाई दे रही।

15 हजार करोड़ की परियोजना

गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा के बीच प्रस्तावित 61 किलोमीटर लंबे नमो भारत RRTS कॉरिडोर पर ट्रेनें 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगी। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 15 हजार करोड़ रुपए बताई जा रही है।

इसके साथ फरीदाबाद में एक एलिवेटेड रोड बनाने की भी योजना है, जिससे NCR क्षेत्र में सड़क और रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी तथा ट्रैफिक दबाव कम किया जा सकेगा।

50 साल पुरानी बस्ती का इतिहास

स्थानीय लोगों के अनुसार, वर्ष 1975-76 के आसपास यहां केवल 20 परिवारों ने बसना शुरू किया था। समय के साथ आबादी बढ़ती गई और आज यह इलाका लगभग एक लाख लोगों का आवासीय क्षेत्र बन चुका है। नगर निगम बनने के बाद भी दशकों तक यहां बसावट जारी रही और लोगों को बिजली-पानी जैसी सुविधाएं भी मिलती रहीं।

निगम का पक्ष

फरीदाबाद नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा का कहना है कि सरकारी जमीन पर किए गए सभी अवैध कब्जों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन किसी के साथ पक्षपात नहीं कर रहा और जहां भी सरकारी भूमि पर अतिक्रमण पाया गया है, उसे हटाया जा रहा है।

सबसे बड़ा सवाल

नेहरू कॉलोनी के निवासियों का कहना है कि यदि उनके मकान हटाए जाते हैं, तो सरकार को पुनर्वास की स्पष्ट व्यवस्था करनी चाहिए। फिलहाल हजारों परिवारों के सामने यही सवाल है कि घर टूटने के बाद वे कहां जाएंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *