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गैंगस्टर रोहित गोदारा : जुर्म की दुनिया का बेताज बादशाह, स्क्रैप कारोबारी सचिन मर्डर का मास्टरमाइंड , पत्नी विवाद बना गैंगस्टर बनने की वजह

हरियाणा। गैंगस्टर रोहित गोदारा आज के समय में जुर्म की दुनिया का बेताज बादशाह बन गया है। फिरौती किंग रोहित गोदारा गोगामेड़ी हत्याकांड के बाद एक बार फिर सुर्ख़ियों में आ गया है , जब गुरूवार को रोहतक में गुरुग्राम के रहने वाले स्क्रैप कारोबारी सचिन की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। जिसके कुछ समय बाद ही कत्ल की जिम्मेदारी गैंगस्टर रोहित गोदारा ने ले ली। इसे लेकर रोहित गोदारा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर सचिन को दिल्ली का बड़ा बुकी बताते हुए गैंगस्टर कौशल चौधरी और अमित डागर का करीबी बताया।

राजस्थान का गैंगस्टर

रोहित गोदारा को राजस्थान का बड़ा गैंगस्टर और फिरौती किंग के नाम से माना जाता है। रोहित गोदारा का इससे पहले राजस्थान के नामी बदमाश राजू ठेहट और राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी हत्याकांड में नाम आया था। जिससे दोनों मर्डर के बाद गोदारा लाइमलाइट में आ गया। सारी आपराधिक गतिविधियां रोहित गोदारा विदेश में बैठकर अंजाम देता रहता है जिसके चलते आज तक रोहित गोदारा को पुलिस पकड़ नहीं पाई है।

आज आपको बताते हैं कि दसवीं के बाद पढ़ाई छोड़ देने वाला और मोबाइल मैकेनिक का काम करने वाला गोदारा कैसे अपराध के मामले में बढ़ता चला गया….. और मशहूर गैंगस्टर की लिस्ट में शामिल हो गया ………

रावतराम से रोहित गोदारा बनने का सफर
रोहित गोदारा राजस्थान के बीकानेर जिले के कपूरीसर गांव का रहने वाला है। गैंगस्टर बनने से पहले उसका नाम रावतराम था रोहित ने दसवीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़कर मोबाइल मैकेनिक का काम किया। पहले लूणकरणसर और फिर वर्ष 2010-11 में बीकानेर में मोबाइल मैकेनिक की दुकान खोली।।गोदारा पर पहला मुकदमा बीकानेर सदर थाने में 7 अप्रैल 2010 को आर्म्स एक्ट, मारपीट और हत्या के प्रयास का दर्ज हुआ था। दोनों पक्षों के बीच समझौता होने पर कुछ दिन जेल में रहने के बाद रोहित बाहर आ गया। 2 साल तक सब कुछ ठीक चलता रहा। इसी बीच रोहित की पत्नी ने उसके खिलाफ 2012 में बीकानेर के महिला थाना में दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज करा दिया।जिसमें वह जेल गया और अपराधियों के संपर्क में आया।यहीं से उसके गैंगस्टर बनने का सफर शुरू हुआ।

इसके बाद जेल में रहने के दौरान उसके कई गैंगस्टर से संपर्क बन गए। फिर रोहित गोदारा जमानत पर बाहर आया और उसने अपनी दुकान बंद कर दी। शुरुआत में उसने छोटी-मोटी वारदातें करनी शुरू की। गैंगस्टर बनने के बाद उसे रोहित कपूरीसर के नाम से भी जाना जाता है।उसने ही लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप का नेटवर्क राजस्थान में खड़ा करने में मदद की। वह राजस्थान में फिरौती किंग के नाम से मशहूर है।

30 से ज्यादा संगीन मामले दर्ज
रोहित गोदारा पर वर्ष, 2015 तक अवैध वसूली, फिरौती, लूटपाट, डकैती, जानलेवा समेत 30 से ज्यादा मामलों में केस दर्ज हैं । वर्ष, 2015 में वह फिर जेल गया और जमानत पर बाहर आकर मोनू ग्रुप के सरगना मोनू उर्फ देवेन्द्रसिंह, राजूसिंह, सलमान भुट्टा व 15.20 लोगों के साथ हिस्ट्रीशीटर प्रशांत पूनिया पर जानलेवा हमला किया। जिसके बाद वह जेल गए और पक्के साथी बन गए। राजूसिंह, रोहित व मोनू की अपनी – अपनी गुठली गैंग, रोहित गोदारा गैंग और मोनू गैंग को मिलाकर वारदातें करने लगे। बाद में उसने अपनी अलग गैंग बना ली थी।

मूसेवाला के बाद राजू ठेहट और गोगामेड़ी मर्डर में आया नाम
पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में भी रोहित गोदारा का नाम सामने आया था। वह लॉरेंस के करीबी महेंद्र सहारण का बेहद भरोसेमंद था। महेंद्र सहारण ने ही सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में बदमाशों को गाड़ी उपलब्ध कराई थी। वह लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ के साथ मिलकर काम करने लगा था। गोल्डी बराड़ ने पंजाब और रोहित ने राजस्थान में नेटवर्क बनाने पर काम शुरू कर दिया था।

दोनों ही लॉरेंस के लिए काम करते थे। दिसंबर 2022 में रोहित गोदारा का नाम सीकर के राजू ठेहट मर्डर केस में सामने आया था। रोहित ने बाकायदा ट्वीट कर मर्डर की जिम्मेदारी ली थी। ठीक वैसे ही जैसे पंजाब में गोल्ड बराड़ वारदात के बाद जिम्मेदारी लेता है। ये ट्रेंड लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ही शुरू किया था। राजू के मर्डर के बाद उसने लिखा था कि आनंदपाल और बलबीर बानूड़ा की मौत का बदला ले लिया है।

करीब 3 महीने पहले हरियाणा के शूटर नितिन फौजी के जरिए रोहित गोदारा ने जयपुर में राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की भी घर में घुसकर हत्या करा दी। एक बाद एक सनसनीखेज वारदातों के बाद रोहित का नाम अब हरियाणा के स्क्रैप व्यापारी सचिन की हत्या में आया है। इन सभी वारदातों के बाद रोहित ने सोशल मीडिया के जरिए पोस्ट कर कत्ल की जिम्मेदारी भी ली है।

फर्जी पासपोर्ट से हुआ फरार
गोदारा 13 जून 2022 को दिल्ली से फरार हो गया था। उसने कोलकाता से पवन कुमार के नाम से फर्जी पासपोर्ट बनवाया। वह नेपाल होते हुए दुबई भाग गया। उसकी कई बार लोकेशन कनाडा, अजरबैजान में भी आती है। उसके खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया था। हालांकि अभी रोहित गोदारा विदेश में ही बैठकर लॉरेंस के इशारे पर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देता है।

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