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हरियाणा सरकार की लड़कियों हेतु उच्च शिक्षा के लिए “शिक्षा ऋण योजना” हुई कारगर सिद्ध ,10930 लड़कियों ने उठाया लाभ

चंडीगढ़। हरियाणा की महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री कमलेश ढांडा, मंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार महिलाओं/लड़कियों की उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए वचनबद्ध है, इसलिए हरियाणा महिला विकास निगम के माध्यम से “शिक्षा ऋण योजना” लागू की गई है ताकि महिलाएं एवं लड़कियां उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें। इस योजना के अंतर्गत वर्ष 2008-09 से अब तक 10930 महिलाओं/लड़कियों को 2633.82 लाख रूपये की ब्याज सब्सिडी दी जा चुकी है।

ढांडा ने कहा कि आमतौर पर सीमित साधनों, अत्यधिक फीस व बैंकों के शिक्षा ऋण पर ब्याज के भार के कारण वह उच्च शिक्षा (जैसे व्यावसायिक/तकनीकी डिप्लोमा, स्नातक, स्नातकोत्तर व चिकित्सा संबंधी इत्यादि) प्राप्त करने से वंचित रह जाती हैं। उन्होंने बताया कि शिक्षा ऋण के भार को कम करने के उद्देश्य से इस योजना के तहत शिक्षा ऋण पर 5% ब्याज दर पर सब्सिडी प्रदान की जाती है। उदाहरण के तौर पर अगर बैंक 9.50% ब्याज दर पर शिक्षा ऋण प्रदान करता है तो निगम द्वारा 5% ब्याज दर के रूप में सब्सिडी दी जाएगी तथा लाभार्थी को केवल 4.50% ब्याज के रूप में वहन करना पड़ेगा। हरियाणा राज्य की स्थायी निवासी लड़की/महिला एवं हरियाणा सरकार में कार्यरत सरकारी कर्मचारियों की लड़कियां / महिलाएं जो देश और विदेश में शिक्षा ग्रहण कर रही हैं, लाभ प्राप्त करने की पात्र हैं।

महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री ने बताया कि शिक्षा ऋण बैंक द्वारा बैंक की शिक्षा ऋण स्कीम के अनुसार ही प्रदान किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत आवेदन प्रपत्र के साथ, बैंक का स्वीकृति पत्र, शैक्षणिक संस्था का पत्र, हरियाणा राज्य का स्थायी प्रमाण पत्र, हरियाणा सरकार में कार्यरत कर्मचारियों का पहचान पत्र, परिवार पहचान पत्र, आधार कार्ड तथा बैंक स्टेटमेंट का विवरण आवश्यक है। हरियाणा के बाहर अस्थाई रूप से रहने वाले हरियाणा के कर्मचारियों की महिलाएं/लड़कियां यदि ऋण लेने की इच्छुक हैं तो वह बैंक से ऋण लेकर नजदीकी जिला प्रबंधक कार्यालय में अपना केस भेज सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि अधिक जानकारी के लिए हरियाणा महिला विकास निगम की वेवसाइट http://www.hwdcl.org पर देख सकते हैं।

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