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हरियाणा में इन राज्यों के 60 सरकारी डॉक्टरों पर लगा मरीजों से अच्छा व्यवहार नहीं करने का इल्जाम ,स्वास्थ्य विभाग करेगा जांच

हरियाणा में 60 सरकारी डॉक्टरों पर मरीजों से अच्छा व्यवहार नहीं करने का इल्जाम लगा है। मिली जानकारी के अनुसार हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में तैनात डॉक्टरों पर अपने परिचितों और घरवालों के अस्पताल से सेटिंग का गंभीर आरोप लगाया गया हैं। सरकारी डॉक्टरी सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीजों को अपने परिचितों और घरवाले के प्राइवेट अस्पताल में रेफर कर रहे हैं।

स्वास्थ्य सेवाएं महानिदेशक ने प्रदेश के सभी सिविल सर्जनों को पत्र जारी कर इन चिकित्सकों की सूची भेजी है और दो दिन में जांच करके रिपोर्ट स्वास्थ्य निदेशालय में तलब की है। सिविल सर्जन ने अब कमेटी बनाकर जांच शुरू कर दी है। स्वास्थ्य सेवाएं महानिदेशक की भेजी गई सूची के अनुसार भिवानी, चरखी दादरी, हांसी, कैथल, पंचकूला और सोनीपत में एक-एक चिकित्सक ऐसे हैं जो मरीजों के साथ सही व्यवहार नहीं करते हैं।  कई चिकित्सक ऐसे हैं जो मरीजों को निजी अस्पताल रेफर करके वहां से कमीशन लेते हैं। वहीं कई चिकित्सक ऐसे हैं, जिनके पति या पत्नी ने अपने निजी अस्पताल खोले हुए हैं। वह मरीजों को वहां भेज रहे हैं।

ऐसे में इनकी कई बार दुर्व्यवहार की शिकायतें मिली हैं। इन सभी छह चिकित्सकों की जांच होनी है। इसके अलावा अंबाला में एक, चरखी दादरी में दो, फतेहाबाद में एक, गुुरुग्राम में एक, हिसार में एक, महेंद्रगढ़ में तीन, पानीपत में एक और पलवल में दो ऐसे चिकित्सक तैनात हैं, जो मरीजों को निजी अस्पताल में रेफर करते हैं और वहां से कमीशन लेते हैं। वहीं बहुत से ऐसे चिकित्सक हैं, जिनके पति या पत्नी ने अपने अस्पताल खोले हैं।

यह चिकित्सक मरीजों को अपने अस्पताल में भेजने को ज्यादा महत्व देते हैं। ऐसे चिकित्सकों में अंबाला में एक, चरखीदादरी में एक, फरीदाबाद में दो, फतेहाबाद में चार, गुरुग्राम में एक, हिसार में दो, जींद में एक पंचकूला में एक, पलवल में दो, पानीपत में दो, रेवाड़ी में दो, सोनीपत में तीन, यमुनानगर में दो चिकित्सक हैं। यह सभी चिकित्सक अपने व्यवसाय के प्रति वफादार नहीं हैं और लोगों को अपने अस्पतालों में भेजकर मरीजों को चूना लगा रहे हैं।

पत्र में साफ लिखा गया है कि नागरिक अस्पताल पलवल में चिकित्सक ऑपरेशन करने के बदले मरीजों से पैसे लेते हैं। नागरिक अस्पताल दादरी में लैब तकनीशियनों ने मरीजों को निजी लैब में जांच के लिए भेजते हैं और वहां से कमीशन लेते हैं। बहुत से चिकित्सक समय पर अस्पताल नहीं आते, जिससे मरीजों में नाराजगी है।पत्र में लिखा गया है सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अलेवा में चिकित्सक, सीएचसी हथीन में एसएमओ, पलवल में दो डाक्टर एमएलआर काटने के लिए पैसे लेते हैं। ऐसे में मरीजों का सरकार तथा स्वास्थ्य विभाग से विश्वास उठ रहा है।

जींद के सिविल सर्जन डॉ. गोपाल गोयल ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाएं महानिदेशक का पत्र मिला है। इसमें एक चिकित्सक पर एमएलआर काटने केे एवज में पैसे लेने की शिकायत दी गई है। वह फिलहाल एमडी करने के लिए गए हुए हैं जबकि एक महिला चिकित्सक के पति का निजी अस्पताल है। जांच कमेटी गठित कर दी गई है। शुक्रवार तक जांच करके रिपोर्ट स्वास्थ्य सेवाएं महानिदेशक के पास भेज दी जाएगी।

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