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हरियाणा में कर्ज में डूबे पिता ने दिया अपने ही चार मासूम बच्चों को जहर ,पत्नी को फ़ोन करके बोला ” क्या रहा और हो गया फरार ”

हरियाणा। हरियाणा के रोहतक में कर्ज ने एक पिता को हत्यारा बनने पर मजबूर कर दिया। जिसके बाद पूरा रोहतक शहर दहल उठा है। मामला रोहतक के कबूलपुर गांव का है जहां एक बाप ने अपने ही चार बच्चों को जहर दे दिया। जिसके बाद स्वयं भी फरार हो गया। बच्चों कि माँ ने जब घर आकर देखा तो चारों बच्चों के मुँह से झाग निकल रहा था जिसके बाद उनको पीजीआई में भर्ती करवाया गया। जहां तीन बच्चों की मौत हो गयी जबकि एक बच्ची को डॉक्टरों ने खतरे से बहार बता दिया है। जानकारी मिलने पर शिवाजी कॉलोनी थाना पुलिस और एफएसएल एक्सपर्ट डॉक्टर सरोज दहिया कि टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की और सबूत जुटाए। पुलिस आरोपी पिता के फ़ोन की लोकेशन सर्च करने में जुटी हुई है।

बेबसी, लाचारी, लेनदारी ने पिता को बना दिया हत्यारा, तीन
कबूलपुर गांव जो की 15 साल पहले भी चर्चा में रह चूका है जब पूरे परिवार को एक लड़की ने अपने प्रेमी संग मिलकर खत्म कर दिया था। अब फिर से ये गांव चर्चा में आ गया है जब मंगलवार शाम को अपने चार बच्चों को पिता ने दांत साफ करने का पाउडर बताकर सल्फास की गोली पिसकर दे दी । बच्चों को कड़वाहट के चलते शक न हो जाए, इसलिए ऊपर से एक-एक रसगुल्ला खिला दिया। थोड़ी देर बाद बच्चों ने उल्टी करनी शुरू कर दी। आरोपी ने जहरीला पाउडर देने के बाद पत्नी को कॉल की कि उसने बच्चों को जहर दे दिया है। अब खुद मरने जा रहा है। इसके बाद चार बजे दोबारा कॉल आई। बोला, बच्चों का क्या रहा। पत्नी ने बताया कि दो बेटियों की मौत हो गई है। इसके बाद आरोपी ने मोबाइल बंद कर लिया।बाद में एक बच्चे ने और दम तोड़ दिया।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार कबूलपुर निवासी सुनील कुमार अपने परिवार के साथ गांव में रहता है। जबकि उसका भाई सुरेंद्र बहादुरगढ़ में रह रहा है। सुनील कारपेंटर का काम करता है। साथ ही अब धान के सीजन में कटाई और झड़ाई का काम कर रहा था। बताया जा रहा है कि उसने कर्ज ले रखा है, इसके चलते वह परेशान रहता था।आरोपी सुनील की पत्नी ने बताया की गांव में जिनसे उसके पत्ति ने कर्ज लिया था वो लोग बहुत ज्यादा परेशान करते थे। यहां तक की लोग उनका जेनरेटर ,एलईडी , इन्वेटर और दूसरा सामान भी उठा ले गए थे। सुनील ने इस मामले को लेकर शिवाजी कॉलोनी थाने में रिपोर्ट भी दी थी और उनको मंगवार को इस मामले हेतु पुलिस वालों ने थाने में बुलाया था। लेकिन इस से पहले ही दोपहर को ये घटना हो गयी है। बच्चों की माँ इस हादसे के बाद सदमे में है।

सुनील की पत्नी ने आगे बताया कि मंगलवार सुबह वह खेत में उसके साथ ही काम करने गया था । दोपहर को वह वापस घर आ गया था। इस दौरान घर में कोई नहीं था इसलिए उसने आकर आकर चारों बच्चों को जहरीला पाउडर दे दिया। जब बच्चों की तबीयत बिगड़ी तो बड़ी बेटी पड़ोस के चाचा सुंदर के पास पहुंची और पूरे मामले से अवगत कराया। तत्काल मामले की सूचना बच्चों की मां सुमन को दी गई। वह घर पहुंची तो बच्चों ने उल्टियां कर रखी थीं।तत्काल चारों को पीजीआई ले जाया गया, जहां बड़ी बेटी 10 वर्षीय निशिका व सात वर्षीय दीक्षा, एक साल के देव की मौत हो गई। साढ़े 8 वर्षीय हीना की को 72 घंटे का टाइम दिया गया था लेकिन अब हिना को होश आ गया है। पीजीआई पहुंचे सुनील के भाई सुरेंद्र ने कहा-भाई पर कर्जा था पर इसका मतलब यह नहीं कि वह बच्चों की जान ले लेगा। इस कदम के लिए उसे माफ नहीं किया जा सकता।

पीजीआइ में दाखिल इकलौती बची हिना ने बताया कि डेढ बजे उसके पापा घर आए थे। उन्होंने दो-तीन गोली कूटने के बाद उन सभी बहनों को खाने के लिए देते हुए कहा कि इस दवा से दांत का दर्द खत्म हो जाएगा। छोटे बेटे देव के दांत भी जल्दी निकल आएंगे। हिना ने बताया कि उसने दवा मुंह से लगाते ही कड़वी लगने पर हाथ में वापस लेकर छुपा ली। निशिका और दीक्षा ने कहा था कि दवा कड़वी है तो पापा ने दोनों को रसगुल्ले खिला दिए। देव को दूध में वो गोली घोलकर दे दी। बताया जा रहा है कि सुनील के पिता प्रकाश की 15 साल पहले सदिग्ध हालात में मौत हुई. थी। उनका शव खेत में एक पेड़ पर फदे से लटका मिला था। सुनील की माँ के अनुसार जब गांव के कुछ लोग देनदारी के चलते उनका सामान उठा ले गए तो सुनील अपने पिता को खूब याद कर रहा था।

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