रोहतक: गौड़ ब्राह्मण विद्या प्रचारिणी सभा में एक बार फिर विवाद गहरा गया है। संस्था के पूर्व प्रधान आजाद अत्री ने डिग्री कॉलेज के संभावित प्रिंसिपल को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए एनसीसी अधिकारी दलबीर शर्मा पर कई आरोप लगाए। वहीं, संस्था के चुनाव और वोट कटवाने के मुद्दे पर भी उन्होंने विरोधी गुट पर निशाना साधा।
‘दलबीर शर्मा प्रिंसिपल बनने के योग्य नहीं’
पत्रकारों से बातचीत में आजाद अत्री ने कहा कि डिग्री कॉलेज के प्रिंसिपल 30 जून को सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उनके स्थान पर एनसीसी अधिकारी दलबीर शर्मा प्रिंसिपल बनने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनके अनुसार दलबीर शर्मा इस पद के योग्य नहीं हैं।
अत्री ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के एक कार्यक्रम के दौरान दलबीर शर्मा ने चादर और गमले तक चोरी किए थे। उन्होंने कहा कि यदि उनके आरोप गलत हैं तो दलबीर शर्मा उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं।
एनसीसी इंचार्ज रहते हुए घपलों के आरोप
पूर्व प्रधान ने दावा किया कि एनसीसी इंचार्ज रहते हुए दलबीर शर्मा पर कई अनियमितताओं के आरोप लगे। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कर्नल द्वारा भी शिकायत की गई थी। अत्री के अनुसार बच्चों से घी मंगवाने, वर्दी और स्टार लगाने के नाम पर पैसे लेने जैसे आरोप भी सामने आए थे।
‘वोट कटवाने में रामकरण अत्री की भूमिका’
आजाद अत्री ने पूर्व प्रधान रामकरण अत्री पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि संस्था के हजारों वोट कटवाने में रामकरण अत्री की भूमिका रही।
उन्होंने बताया कि सरकार के निर्देश पर करीब साढ़े चार महीने तक नए वोट बनाने का अभियान चला, जिसमें लगभग 14 हजार नए वोट बनाए गए। उनके अनुसार पहले से 33 हजार वोट मौजूद हैं, जबकि विरोधी पक्ष ने 43 हजार वोट कटवाने का काम किया।
13 साल तक नहीं होने दिए चुनाव
आजाद अत्री ने कहा कि विरोधी गुट ने पिछले 13 वर्षों तक संस्था के चुनाव नहीं होने दिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग निजी स्वार्थ के लिए लगातार संस्था की कार्यप्रणाली में बाधा डालते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अब सरकार के प्रयासों से जल्द ही संस्था के चुनाव कराए जाने की उम्मीद है।
‘संस्था को यूनिवर्सिटी बनाना चाहते हैं’
पूर्व प्रधान ने बताया कि गौड़ ब्राह्मण विद्या प्रचारिणी सभा के पास वर्तमान में करीब 65 एकड़ जमीन है। उनका कहना है कि भविष्य में इस संस्था को यूनिवर्सिटी के रूप में विकसित किया जा सकता है, क्योंकि यूनिवर्सिटी के लिए लगभग 20 एकड़ भूमि ही पर्याप्त होती है।
उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग केंद्रीय मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा पर आरोप लगा रहे हैं, वे राजनीतिक कारणों से ऐसा कर रहे हैं और संस्था के विकास में बाधा नहीं डालनी चाहिए।
आरोपों पर नहीं आया जवाब
फिलहाल, आजाद अत्री द्वारा लगाए गए आरोपों पर दलबीर शर्मा, रामकरण अत्री या संबंधित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकती।
(अलख हरियाणा) इस मामले में यदि संबंधित पक्ष का बयान सामने आता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।