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हरियाणा विधानसभा सत्र में उठा बेसहारा गोवंश का मुद्दा ,प्रदेश सरकार ने जवाब में बताई ये विशेष मुहिम

चंडीगढ़।हरियाणा विधानसभा सत्र में बेसहारा गोवंश का मुद्दा उठाये जाने का मामला सामने आया है। बता दें कि आज विधानसभा सत्र का तीसरा दिन है। जिसमें कालका से कांग्रेस विधायक प्रदीप चौधरी ने सड़कों पर बेसहारा गोवंश के घूमने का मुद्दा विधानसभा में उठाया। प्रदीप चौधरी ने कहा कि बेसहारा पशुओं के सड़कों पर होने की वजह से हादसे हो रहे हैं। लोगों की जान जा रही है। राज्य में करीब 60 हजार ऐसी गाय चिन्हित की गई हैं, जो सड़कों पर बेसहारा हैं और जिन्हें गोशालाओं में पहुंचाने की जरूरत है।

स्थानीय निकाय मंत्री ने दिया ये जवाब
सदन में इस सवाल का जवाब देते हुए शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने बेसहारा गायों को दो माह के भीतर गोशालाओं तक पहुंचाने की सरकार की योजना की जानकारी दी। हरियाणा के शहरों व कस्बों में सड़कों पर बिना किसी सहारे के (बेसराहा) घूम रहे गोवंश को गौशालाओं में पहुंचाया जाएगा। इसके लिए राज्य भर में विशेष मुहिम शुरू की जा चुकी है, जिसे अधिक तेजी से चलाने के निर्देश शहरी निकाय विभाग, पंचायत विभाग और पशुपालन विभाग के अधिकारियों को दिए जा चुके हैं।प्रदेश सरकार ने गो सेवा आयोग से कहा है कि बेसहारा गोवंश को गौशालाओं तक पहुंचाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान को गति प्रदान की जाए। श्रवण गर्ग गोसेवा आयोग के चेयरमैन हैं, जिनकी देखरेख में यह अभियान चल रहा है।

पंचकूला में स्थापित हुई चार नई गोशालाएं और एक नंदीशाला
विधायक ने सदन में आरोप लगाया कि पंचकूला के कोट गांव में नंदीशाला का उद्घाटन जल्दबाजी में किया गया। यह पूरी भी नहीं हुई थी। इसमें जलभराव की भी समस्या रहती है। इस वजह से अब सरकार इसे शिफ्ट करने की योजना बना रही है। उन्होंने पशुओं की चपेट में आकर दुर्घटना का शिकार होने वाले लोगों के परिजनों को मुआवजा देने का मामला भी सदन में उठाया। स्पीकर डॉ. ज्ञानचंद गुप्ता ने कहा कि अकेले पंचकूला जिले में चार नई गोशालाएं और एक नंदीशाला स्थापित की गई है। दो हजार के लगभग गोवंश को सड़कों से हटाया जा चुका है।

गो सेवा आयोग का बजट 40 करोड़ से हुआ 400 करोड़
शहरी निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने सदन में स्वीकार किया कि बेसहारा पशुओं को पूरी तरह से सड़कों को हटाने का काम अभी पूरी नहीं हुआ है। सरकार इसके लिए काफी गंभीर है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पिछले बजट में गोसेवा आयोग का बजट भी 40 करोड़ से बढ़ाकर 400 करोड़ रुपये किया है।उन्होंने कहा कि गोशालाओं व नंदीशालाओं में रखे गए गोवंश के उपचार का भी सरकार ने प्रबंध किया हुआ है। उन्होंने बताया कि गायों को गोशालाओं में रखने के लिए गोशाला संचालकों को सरकार की ओर से अनुदान राशि प्रदान की जाएगी।

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