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Varanasi में बोले पीएम मोदी, काशी और संस्कृति, एक ही ऊर्जा के दो नाम

Varanasi, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को काशी को भारत की सांस्कृतिक राजधानी करार दी। उन्होंने कहा कि काशी और संस्कृति, एक ही ऊर्जा के दो नाम हैं। रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में काशी सांसद सांस्कृतिक महोत्सव, 2023 के समापन समारोह को भी संबोधित किया।

इस अवसर पर, प्रधानमंत्री ने लगभग 1,115 करोड़ रुपये की लागत से पूरे उत्तर प्रदेश में निर्मित 16 अटल आवासीय विद्यालयों का उद्घाटन भी किया। सभा को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि काशी और संस्कृति एक ही ऊर्जा के दो नाम हैं और काशी को भारत की सांस्कृतिक राजधानी होने का गौरव प्राप्त है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, काशी और संस्कृति एक ही ऊर्जा के दो नाम हैं, आप उन्हें अलग कर ही नहीं सकते। काशी को तो देश की सांस्कृतिक राजधानी होने का गौरव प्राप्त है। काशी की गली-गली में गीत गूंजते हैं। यह स्वभाविक भी हैं क्योंकि यह नटराज की अपनी नगरी है।

उन्होंने कहा, सारी नृत्य कलाएं नटराज के तांडव से ही प्रकट हुई हैं। सारे स्वर महादेव के डमरू से उत्पन्न हुए हैं। सारी विधाओं ने बाबा के विचारों से जन्म लिया है। इन्ही कलाओं और विधाओं को भरतमुनि जैसे आदि आचार्यों ने व्यवस्थित और विकसित किया।

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प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘सात वार, नौ त्योहार वाली काशी में कोई भी उत्सव गीत संगीत के बिना पूरा हो ही नहीं सकता। चाहे घर की बैठकी हो, या बजड़े पर बुढ़वा मंगल, भरत मिलाप हो या नाग नथैया, संकट मोचक का संगीत समारोह हो या देव दीपावली। सब कुछ यहां सुरों में समाया हुआ है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘काशी में शास्त्रीय संगीत की जितनी गौरवशाली परंपरा है, उतनी ही अद्भुत यहां के लोकगीत भी हैं। यहां तबला भी है, यहां शहनाई और सितार भी हैं। यहां सारंगी के सुर भी हैं, यहां वीणा का वादन भी है। चाल, ठुमरी, दादरा, चेती और कजरी जैसी कितनी ही विधाओं को बनारस ने सदियों से सहेज कर रखा है। पीढ़ी दर पीढ़ी परिवारों ने, गुरु शिष्य परंपराओं ने भारत की इस मधुर आत्मा को जीवित बनाये रखा है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘बनारस के ऐसे ही कितने ही कलाकार हैं जिन्होंने पूरे विश्व में अपनी छाप छोड़ी है। मैं सबके नाम लेना शुरू करूंगा तो न जाने कितने दिन निकल जायें। कितने ही विश्व प्रसिद्ध नाम यहां अभी हमारे सामने उपस्थित हैं। मेरा सौभाग्य हैं कि मुझे बनारस के कई ऐसे सांस्कृतिक आचार्यों से मिलने और समय बिताने का सौभाग्य मिला है।’’

By Alka

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