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हरियाणा में मधुमक्खी पालन से डबल इनकम: शहद के साथ बी-वेनम से भी लाखों की कमाई

Byalakhharyana@123

Mar 25, 2025
Double income from beekeeping in Haryana: Along with honey, bee venom also earns lakhsDouble income from beekeeping in Haryana: Along with honey, bee venom also earns lakhs

हरियाणा में मधुमक्खी पालन अब सिर्फ शहद उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि किसान मधुमक्खी के जहर (बी-वेनम) से भी अच्छी कमाई कर सकते हैं। बी-वेनम की कीमत 2 हजार से 12 हजार रुपए प्रति ग्राम तक होती है, जिसका उपयोग फार्मा और कॉस्मेटिक कंपनियां दर्द निवारक दवाओं और एंटी-एजिंग क्रीम बनाने में करती हैं। इसकी मांग भारत सहित दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड, जॉर्जिया, क्रोएशिया, फ्रांस, तुर्की, डेनमार्क और स्विट्जरलैंड जैसे देशों में भी बढ़ रही है।

किसानों के लिए कमाई का नया जरिया

500 बी-बॉक्स से किसान 75 हजार रुपए तक की मासिक आय अर्जित कर सकते हैं। खास बात यह है कि कंपनियां बी-कीपर के पास फ्री में सेटअप लगाकर बी-वेनम एकत्र करती हैं, जिससे किसानों को कोई अतिरिक्त खर्च नहीं करना पड़ता। हरियाणा में 30 किसान इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो रही है। इस परियोजना में नेशनल बी-बोर्ड और बागवानी विभाग भी सहयोग कर रहे हैं।

बी-वेनम कलेक्शन की प्रक्रिया

बी-वेनम निकालने की प्रक्रिया थोड़ी जटिल है। 25-30 बॉक्स से मात्र 1 ग्राम बी-वेनम प्राप्त होता है। बी-वेनम में “मेलिटिन” नामक पदार्थ मौजूद होता है, जिसकी गुणवत्ता के आधार पर इसकी कीमत तय होती है। फार्मास्युटिकल और कॉस्मेटिक कंपनियां इसी मेलिटिन का उपयोग करती हैं। इसकी बाजार कीमत 2 हजार से 12 हजार रुपए प्रति ग्राम तक हो सकती है।

कंपनियां फ्री में लगाती हैं सेटअप

बी-वेनम निकालने के लिए कंपनियां मधुमक्खी पालकों के पास फ्री में सेटअप लगाती हैं। जब बी-वेनम तैयार हो जाता है तो कंपनियां इसे एकत्र कर ले जाती हैं। यदि कोई किसान 100 बी-बॉक्स से मधुमक्खी पालन करता है तो वह महीने के 12 से 17 हजार रुपए तक कमा सकता है, जबकि 500 बी-बॉक्स से यह आय 75 हजार रुपए तक पहुंच सकती है।

खास मशीनों से निकाला जाता है बी-वेनम

बी-वेनम निकालने के लिए विशेष मशीनों का उपयोग किया जाता है। इस मशीन में प्लास्टिक का डोम, पैनल, कांच की स्लाइड और एक माइक्रो-करंट जनरेट करने वाली प्रणाली होती है। यह मशीन मधुमक्खियों को हल्का झटका देती है, जिससे वे अपना जहर कांच की स्लाइड पर छोड़ देती हैं, लेकिन उनका डंक सुरक्षित रहता है और उन्हें कोई नुकसान नहीं होता।

शहद के साथ बी-वेनम से भी होगी कमाई

बी-वेनम के बढ़ते बाजार को देखते हुए मधुमक्खी पालक इसे अपनाने लगे हैं। मधुमक्खी पालकों को अक्सर शहद के उचित दाम नहीं मिलते और इसे बेचने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। लेकिन बी-वेनम उत्पादन से उनकी आय कई गुना बढ़ सकती है।

किसानों की राय

यमुनानगर के किसान सुभाष कंबोज ने बताया कि उन्होंने 1500-2000 बॉक्स लगाए हैं और वे 100 बॉक्स से 12-15 हजार रुपए प्रति माह कमा रहे हैं। वहीं, भिवानी के सतीश त्रिपाठी ने 400 बॉक्स लगाए हैं और वे 36 हजार रुपए की मासिक आय प्राप्त कर रहे हैं। एक बॉक्स से लगभग 4 किलोग्राम शहद भी प्राप्त होता है, जिसकी कीमत 400 रुपए प्रति किलोग्राम तक होती है।

बी-वेनम उत्पादन किसानों के लिए कम लागत में अधिक मुनाफे का जरिया बन रहा है। सरकार और निजी कंपनियों के सहयोग से यह उद्योग तेजी से बढ़ रहा है, जिससे मधुमक्खी पालकों को आर्थिक रूप से सशक्त होने का अवसर मिल रहा है।

 

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