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पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने राजस्थान, MP और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की जीत को लेकर ठोका दावा ,अलग -अलग मुद्दों को लेकर बीजेपी पर जमकर कसे तंज

हरियाणा। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने 5 राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस की जीत का दावा किया है। उन्होंने कहा राजस्थान, मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनेगी जबकि तेलंगाना में कांग्रेस और के चंद्रशेखर राव की पार्टी के बीच मुकाबला होगा। उन्होंने इस बात से इंकार किया कि 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव के परिणाम का आगामी लोकसभा चुनाव पर असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में अलग मुद्दे होते हैं और विधानसभा चुनाव में अलग। हालांकि उन्होंने यह जरूर कहा कि बीजेपी की नीतियां जनविरोधी हैं, इसलिए उसे हार का सामना करना पड़ेगा।

पूर्व सीएम ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल पर तंज कस्ते हुए हरियाणा में एचसीएस भर्ती का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि 100 पदों की भर्ती में सिर्फ 60 लोगों का चयन अपने आप में संदेहास्पद है। यह वहीं भर्ती है जिसमें 38 सवाल पिछले पेपर से कॉपी किए गए थे। इस सरकार की हर भर्ती पर पेपर लीक, ओएमआर शीट में फेरबदल और पैसे लेकर नौकरी देने के आरोप लग रहे हैं। इसलिए कांग्रेस की मांग है कि प्रदेश में हो रहे तमाम भर्ती घोटालों की जांच सीबीआई से करवाई जानी चाहिए।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल की वजह से मंडियों में किसान कतारों में खड़े हैं। फसल बीमा योजना को भी इस सरकार ने पोर्टल के हवाले कर दिया गया है। जबकि इस योजना की सच्चाई यह है कि अब तक बीमा कंपनियां पूरे देश के किसानों से 57 हजार करोड़ रुपए का मुनाफा ले चुकी हैं। हरियाणा में भी वर्ष 2022-23 में निजी कंपनी ने किसानों से 704 करोड़ रुपए प्रीमियम लिया, लेकिन सिर्फ 7 करोड़ रुपए का ही मुआवजा दिया।

भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आरोप लगाया कि बीजेपी-जेजेपी सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है। इस सरकार के दौरान प्रदेश में 1 इंच मेट्रो लाइन आगे नहीं बढ़ी, 1 इंच रेलवे लाइन नहीं बिछी, एक भी बड़ा प्रोजेक्ट नहीं आया, एक यूनिट बिजली उत्पादन तक नहीं हुआ। यहां तक कि प्रदेश में आज जिन हाईवे का निर्माण हो रहा है उनमें से 90 प्रतिशत परियोजनाएं कांग्रेस कार्यकाल की हैं।

हुड्डा ने एसवाईएल के मुद्दे पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2002 में ही हरियाणा के पक्ष में फैसला आ गया था, जिसे पंजाब सरकार ने उसे पलटने की कोशिश की। लेकिन एसवाईएल का पानी हरियाणा का हक है, इसलिए एक बार फिर वर्ष 2017 में हरियाणा के हक में फैसला आया। उसी समय हरियाणा का सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति से मिलने पहुंचा था। उसके बाद प्रधानमंत्री से मुलाकात करवाने की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री ने ली थी। लेकिन आज तक ऐसा नहीं हुआ। उसी दौरान गृह मंत्री राजनाथ सिंह के साथ हुई मुलाकात में कानून विशेषज्ञों ने स्पष्ट कहा था कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला अंतिम है, अब इसे लागू करने में कोई पेंच नहीं है। लेकिन पहले बीजेपी और अब बीजेपी-जेजेपी सरकार बेनतीजा बैठकों में वक्त खराब करती रही। सरकार द्वारा हरियाणा को उसका पानी दिलवाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया।

उन्होंने कहा कि इसी तरह कांग्रेस कार्यकाल में बनी हांसी-बुटाना नहर के जरिए मिलने वाले पानी के मुद्दे को भी मौजूदा सरकार ने ठंडे बस्ती में डाल दिया। पंजाब सरकार द्वारा कोर्ट से लिए गए स्टे को हटवाने के लिए सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया। कांग्रेस की मांग है कि सरकार को तुरंत सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए। अगर मौजूदा सरकार हरियाणा के हित में कोई स्टैंड लेती है तो कांग्रेस मजबूती के साथ सरकार के साथ खड़ी होगी।

पूर्व मुख्यमंत्री ने एशियन गेम्स में पदक विजेता खिलाड़ियों को कांग्रेस की ‘पदक लाओ, पद पाओ’ नीति के तहत डीएसपी जैसे उच्च पदों पर नियुक्ति देने की मांग की। साथ ही खिलाडि़यों को मिलने वाली नकद इनाम राशि में भी बढ़ोतरी होनी चाहिए। एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता को 5 करोड़ रूपए, रजत विजेता को 3 करोड़ रूपए और कांस्य पदक विजेता को 2 करोड़ रुपए मिलने चाहिए। हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान खेलों को आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश में जो खेल नीति बनाई गई थी, उसने युवाओं को प्रोत्साहित किया था। जोगेंदर शर्मा, योगेश्वर दत्त और संदीप सिंह का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि कांग्रेस सरकार ने खिलाडि़यों को डीएसपी, इंस्पेक्टर जैसे उच्च पदों पर नियुक्ति के साथ नौकरियों में खेल कोटा शुरू किया था और गांव-गांव में स्टेडियम बनाए गए थे। लेकिन आज स्टेडियमों की हालत खराब है।

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