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रोहतक की चार महिला पहलवानों का एशियाई चैंपियनशिप में चयन

Byalakhharyana@123

Mar 25, 2025
Four female wrestlers from Rohtak selected for Asian ChampionshipFour female wrestlers from Rohtak selected for Asian Championship

रोहतक की चार महिला पहलवानों का चयन जॉर्डन में होने वाली एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप के लिए हुआ है। ये खिलाड़ी सर छोटूराम स्टेडियम में अभ्यास करती हैं और रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा दिल्ली में आयोजित ट्रायल में सफल रहीं।

चयनित खिलाड़ी:

  • 57 किग्रा: नेहा शर्मा
  • 59 किग्रा: मुस्कान नांदल
  • 62 किग्रा: मनीषा भनवाला
  • 76 किग्रा: रितिका हुड्डा

ये सभी खिलाड़ी अनुभवी कोच मंदीप सिंह के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण ले रही हैं। मंदीप सिंह ने इससे पहले ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक को भी कोचिंग दी है।

रितिका हुड्डा: ओलंपिक से एशियाई चैंपियनशिप तक

रितिका हुड्डा ने 2024 के पेरिस ओलंपिक में भाग लिया था, जहां उन्हें क्वार्टर फाइनल में हार का सामना करना पड़ा। अब वे एशियाई चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने के लक्ष्य से तैयारी कर रही हैं। अंडर-23 में 57 किलोग्राम भारवर्ग में उन्होंने विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था।

मनीषा: संघर्ष से सफलता तक

जींद की रहने वाली मनीषा किसान परिवार से आती हैं। 2022 में जब वे एशियाई खेलों के लिए जा रही थीं, उसी दिन उनके पिता का निधन हो गया। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया।

नेहा शर्मा: विश्व चैंपियनशिप की उपविजेता

नेहा शर्मा ने तीन बार विश्व चैंपियनशिप में भाग लिया है और एक बार सिल्वर मेडल जीता है। वे प्रतिदिन छह घंटे अभ्यास करती हैं और कड़े डाइट प्लान का पालन कर रही हैं। पहली बार एशियाई चैंपियनशिप में खेलने जा रही नेहा को स्वर्ण पदक जीतने का पूरा भरोसा है।

मुस्कान नांदल: किसान परिवार से अंतरराष्ट्रीय मंच तक

रोहतक के गांव गढ़ी बोहर की मुस्कान नांदल 2024 की सब-जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में उन्होंने कांस्य पदक भी हासिल किया था। अब वे भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए एशियाई चैंपियनशिप में उतरेंगी।

छोटूराम स्टेडियम: अंतरराष्ट्रीय पहलवानों की नर्सरी

छोटूराम स्टेडियम से अब तक 20 अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी निकल चुके हैं, जिनमें से छह विश्व चैंपियन हैं। कोच मंदीप सिंह का मानना है कि इस बार भारत के लिए स्वर्ण पदक आना तय है।

इन चार महिला पहलवानों की मेहनत और संघर्ष ने साबित कर दिया है कि दृढ़ संकल्प और सही मार्गदर्शन से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

 

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