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Haryana, कुरुक्षेत्र की एक अदालत ने शाहबाद शहर में हाल में प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किये गये नौ किसान नेताओं को बृहस्पतिवार को जमानत दे दी। उन्हें रात में आठ बजे कुरुक्षेत्र जेल से रिहा कर दिया गया। कई किसान उनकी अगवानी करने जेल के बाहर पहुंचे थे।

इन नेताओं ने कुरुक्षेत्र में बैठक की और फिर अपने समर्थकों के ढोल नगारों की थाप के बीच जुलूस का हिस्सा बनकर शाहबाद गये। बीकेयू (चारूनी) के प्रमुख गुरनाम सिंह चारूनी के नेतृत्व में किसानों ने सूर्यमुखी के बीजों को राज्य सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदे जाने की मांग करते हुए यहां शाहबाद के समीप छह जून राजमार्ग जाम कर दिया था।

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछार की थी और लाठीचार्ज किया था। बाद में बीकेयू (चारूनी) के अध्यक्ष गुरनाम सिंह समेत इस संगठन के नौ नेताओं को दंगा फैलाने और अवैध रूप से जमा होने समेत विभिन्न धाराओं में गिरफ्तार किया गया था।

राजमार्ग जाम किये जाने की घटना के सिलसिले में दर्ज की गयी प्राथमिकी में पुलिस ने कुछ किसान नेताओं एवं कई अज्ञात प्रदर्शनकारियों पर भादंसं की धारा 307(हत्या के प्रयास) भी लगायी थी।

गिरफ्तार किसान नेताओं ने जमानत के लिए कुरुक्षेत्र के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने बुधवार को आवेदन दायर किये थे। किसान नेताओं के वकील गुरनाम सिंह चहल ने बताया कि बृहस्पतिवार को उनके मुवक्किलों को जमानत मिल गयी।

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उन्होंने कहा, ‘‘ पुलिस ने आज अदालत के सामने जवाब दाखिल कर कहा कि भादंसं की धारा 307 वापस ले ली गयी है क्योंकि हत्या के प्रयास का कथित अपराध जांच में साबित नहीं हुआ। बहस के बाद अदालत ने नेताओं को जमानत दे दी।

बीकेयू (चारूनी) के आह्वान पर सोमवार को पीपली में ‘महापंचायत’ हुई थी जिसके बाद किसानों ने सूर्यमुखी के बीजों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य तथा शाहबाद प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किये गये किसान नेताओं की रिहाई की मांग करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर दिया था।

By Alka

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