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हरियाणा में दोस्त बना दुश्मन ,नाबालिक बच्चे ने की अपने ही दोस्त की हत्या ,चार दिन बाद हाथ-पैर कटा शव मिला

हरियाणा। हरियाणा में नाबालिक बच्चे ने अपने ही दोस्त की हत्या कर दी। उस नाबालिक बच्चे का कसूर सिर्फ इतना था की उस बच्चे ने पब्जी खेलने के लिए फ़ोन नहीं दिया। इसी के चलते उसी के दोस्त ने गला घोटकर उसकी हत्या कर दी। काफी दिनों बाद काफी मशक्क्त के बाद घरवालों और पुलिस के सख्त पूछने पर बच्चे ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल से शव को पीजीआई खानपुर रेफर किया गया है।
और साथ ही मामले को लेकर पुलिस ने पहले से दर्ज गुमशुदगी के मामले में आईपीसी की धारा 302 जोड़ दी गई है।

जानकरी के अनुसार पानीपत जिले के गढ़ सरनाई गांव में नौवीं कक्षा के छात्र की उसी के 13 वर्षीय दोस्त ने हत्या कर दी। चार दिन बाद उसका शव गन्ने के खेत में मिला। उसका दोस्त पहले पुलिस को गुमराह करता रहा लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने जुर्म कबूल कर लिया। किशोर ने बताया कि वे पबजी खेल रहे थे। उसने मोबाइल फोन मांगा, नहीं मिलने पर उनका आपस में झगड़ा हुआ। दोनों ने एक-दूसरे का गला पकड़ लिया और उसने गला घोंटकर हत्या कर दी। वह डर के मारे वहां से भाग गया।पुलिस को उसका शव गली-सड़ी हालत में मिला। उसके दोनों हाथ नहीं थे, एक पैर भी आधा कटा था और बाल भी उखाड़े थे। शव देख परिजनों ने तांत्रिक विद्या के चलते हत्या का आरोप लगाया। वहीं, संभावना व्यक्त की जा रही है कि आवारा कुत्तों ने शव नोंचा है।

मृतक सौरभ के पिता राजपाल ने बताया कि उसका एकलौता बेटा सौरभ गांव के ही सरकारी स्कूल में नौवीं कक्षा का छात्र था। राजपाल जब एक अक्तूबर को घर आया तोह सौरभ घर नहीं था। इसके बाद उसने आस पास अपने बेटे की तलाश की लेकिन सौरभ का कहि पता नहीं चला। इसके बाद पास में लगे सीसीटीवी फुटेज देखी तोह पता चला की सौरभ सुबह 11:55 बजे उसी के स्कूल में पढ़ने वाले गांव के किशोर के साथ जाता दिखा।
दोनों 12:40 बजे बबैल गांव में पीर के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में भी दिखे। रात को ही वे उसके घर गए और बेटे के बारे में पूछा तो कोई जवाब नहीं मिला। उसके परिजन पुलिस को भी गुमराह करते रहे। गांव के सरपंच वेद प्रकाश ने बताया कि शक गहराने पर गुरुवार को दोबारा सख्ती से पूछताछ की तो उसने हत्या की बात कबूल ली। परिजनों ने शक जताया है कि हत्या में आरोपी छात्र के माता-पिता, उसका नाना और दादा भी शामिल हो सकते हैं।

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