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Investment में डबल इनकम करना सिखें, लाखों लोगों की प्रेरणा बनी ये तलाब

Investment, कहते है अगर कुछ कर गुजरने की चाहत हो तो आपको सौ मुश्किलें भी हरा नहीं सकती है यह कहावत सच कर दिखाया है , मेघालय की रहने वालीं सिल्मे मार्क ने इन्होंने लाखों लोगों के प्रेरणा दी है. अपने सपने को पुरा करने की सिल्मे मार्क ने दो हेक्टेयर के तालाब में मछली पालन शुरू करने के साथ ही उसे एक पिकनिक स्पॉट का रूप भी दे दिया है.

इस तरह से सिल्मे ने एक तालाब से डबल इनकम के दो रास्ते भी तैयार कर लिए हैं. आज सिल्मे के तालाब को कोमेन झील के रूप में भी जाना जाता है, कोमेन सिल्मे के पिता का नाम है.

सिल्मे मेघालय में गारो हिल्स जिले के जोलगांव की रहने वाली हैं. उनकी पहचान एक प्रगतिशील मछली पालक के रूप में है. मछली पालक के साथ ही सिल्मे की पहचान आईलैंड वाले पिकनिक स्पॉट की मालकिन के रूप में भी है. ऐसा दावा किया जाता है कि जो प्रयोग सिल्मे ने किया है वो देश में अनूठा और पहला है.

सिल्मे का जोलगांव में दो हेक्टेयर का तालाब है. साल 2018 में सिल्मे को नीली क्रांति एकीकृत विकास और मत्स्य पालन की प्रबंधन योजना के तहत मछली पालन विभाग ने अपने साथ जोड़ा. योजना का लाभ भी दिया. 80 फीसद की सब्सिडी के साथ सिल्मे को 8.5 लाख रुपये की सहायता मिली. सिल्मे अपने तालाब में इंडियन मेजर कार्प्स और एग्जोटिक कार्प्स का पालन करती हैं. इसके अलावा हर साल 10 हजार सीड का उत्पादन भी करती हैं.

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साल 2020 में पहली बार सिल्मे का तालाब पर्यटकों की नजर में आया था. तालाब पर ही सिल्मे ने छोटे लेकिन पारंपरिक घर बनाए, सुंदर पौधों और सजावटी सामान से तालाब को सजाना शुरू कर दिया. बोटिंग और स्पोर्ट्स फिशिंग जैसी एक्टिविटी भी तालाब पर शुरू कर दी और आज इस पर्यटक स्थल को देश के साथ- साथ विदेश में भी पहचान मिल गई है. फिलहाल, कुछ वक्त पहले ही मछली और पशुपालन मंत्री परषोत्तम रूपाला ने भी सिल्मे के तालाब का निरीक्षण किया था.

By Alka

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