• Mon. Aug 24th, 2026

पहलवान साक्षी मलिक ने WFI अध्यक्ष बनने के बाद कुश्ती से लिया सन्यास , रोते हुए ये कहा

दिल्ली। पहलवान साक्षी मलिक ने कुश्ती से सन्यास लेने को लेकर बड़ा फैसला किया है। दरअसल आज डब्ल्यूएफआई के अध्यक्ष संजय सिंह को चुना गया जिसको पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण का करीबी माना जाता है। साक्षी मलिक समेत कई नामी पहलवानों ने बृजभूषण पर कथित रूप से जूनियर पहलवानों सहित महिला पहलवानों का यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था। जिसके बाद आज प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिये साक्षी मालिक ने रोते हुए ये एलान किया।

आपको बता दें कि डब्ल्यूएफआई के निवर्तमान अध्यक्ष बृजभूषण के करीबी संजय गुरुवार को यहां हुए चुनाव में डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष बने और उनके पैनल ने 15 में से 13 पद पर जीत हासिल की। रियो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता साक्षी मलिक ने गुरुवार को बृज भूषण शरण सिंह के विश्वासपात्र संजय सिंह की भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष पद के चुनाव में जीत का विरोध करते हुए कुश्ती से संन्यास लेने की घोषणा की।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में साक्षी ने टेबल पर अपने जूते रखकर नाटकीय अंदाज में संन्यास की घोषणा की। साक्षी की आंखों में आंसू थे, उन्होंने कहा, ‘‘हमने दिल से लड़ाई लड़ी लेकिन बृजभूषण जैसा आदमी, उसका बिजनेस साझीदार और करीबी सहयोगी डब्ल्यूएफआई का अध्यक्ष चुना गया है तो मैं कुश्ती छोड़ती हूं। ’’साक्षी ने कहा , ‘‘हम एक महिला अध्यक्ष चाहते थे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। ’’चुनावों से पहले ओलंपिक पदक विजेता पहलवान बजरंग पूनिया और साक्षी ने खेल मंत्री अनुराग ठाकुर से बार बार अनुरोध किया था कि बृजभूषण से जुड़े किसी भी व्यक्ति को डब्ल्यूएफआई के चुनाव लड़ने से रोका जाये।जिसके परिणामस्वरूप बृजभूषण के बेटे प्रतीक और उनके दामाद विशाल सिंह चुनाव में नहीं उतरे।

इस दौरान बजरंग ने कहा, ‘‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार अपनी बात पर कायम नहीं रही कि बृजभूषण का कोई भी विश्वस्त डब्ल्यूएफआई के चुनाव नहीं लड़ेगा। ’’विनेश ने कहा, ‘‘उभरती हुई महिला पहलवान भी शोषण का सामना करेंगी। ’’

कौन हैं संजय सिंह?
संजय यूपी कुश्ती संघ के उपाध्यक्ष रहे हैं। चुनाव से पहले की कई खबरों में कहा गया था कि संजय के खेमे के पास 50 वोट में से 41 का समर्थन है।
असम, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, जम्मू कश्मीर और ओडिशा के अलावा लगभग सभी राज्यों के कुश्ती संघ का समर्थन उन्हें मिलने की बात कही गई थी।
साल 2019 में वह भारतीय कुश्ती संघ की कार्यकारी कमिटी में संयुक्त सचिव चुने गए थे।

ओलंपिक में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान हैं साक्षी
साक्षी ओलंपिक में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान थी। उन्होंने रियो 2016 ओलंपिक में यह कारनामा किया था।
इस खिलाड़ी ने केवल 12 साल की उम्र में ईश्वर दहिया के साथ प्रशिक्षण शुरू किया था और सिर्फ 5 साल बाद उन्होंने साल एशियाई जूनियर विश्व चैंपियनशिप के फ्रीस्टाइल में 59 किग्रा भारवर्ग में रजत पदक जीत लिया था।
साल 2013 के कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में इस खिलाड़ी ने कांस्य पदक भी जीता था।

यह सम्मान प्राप्त कर चुकी हैं साक्षी
साक्षी को पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी उन्हें पद्मश्री सम्मान दिया था।
साल 2017 में साक्षी ने साथी पहलवान सत्यव्रत कादियान से शादी की थी। विश्व की चर्चित पत्रिका फोर्ब्स ने एशिया के सफल लोगों की अंडर-30 सूची जारी की थी, जिसमें साक्षी को स्थान दिया गया था।
2007 में सब जूनियर एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने के बाद उन्हें सीनियर वर्ग में खेलने की अनुमति मिली थी।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *