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हरियाणा विधानसभा में 4 अहम बिल पास: शव रखकर प्रदर्शन पर रोक, डंकी रूट एजेंटों पर सख्ती, कर्मचारियों को जॉब सिक्योरिटी, सट्टेबाजों की संपत्ति होगी जब्त

Byalakhharyana@123

Mar 26, 2025
4 important bills passed in Haryana Assembly: Prohibition on demonstrations by keeping dead bodies, strict action against donkey root agents, job security to employees, property of speculators will be confiscated4 important bills passed in Haryana Assembly: Prohibition on demonstrations by keeping dead bodies, strict action against donkey root agents, job security to employees, property of speculators will be confiscated

चंडीगढ़ | हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के 10वें दिन चार बड़े विधेयक पारित किए गए। इन नए कानूनों के तहत अब सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन नहीं किया जा सकेगा, बिना वैध रजिस्ट्रेशन के ट्रैवल एजेंटों को सख्त सजा मिलेगी, कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा मिलेगी और सट्टेबाजों की संपत्ति जब्त की जाएगी।

1. हरियाणा शव सम्मान निपटान विधेयक, 2025

  • अब सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन करना गैरकानूनी होगा।

  • कानून तोड़ने पर 6 महीने से 3 साल तक की कैद और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना।

  • कांग्रेस ने इस विधेयक का विरोध किया, इसे मौलिक अधिकारों का हनन बताया।

  • सीएम नायब सैनी बोले, “इससे किसी के अधिकारों का हनन नहीं होगा, केंद्र की आपत्तियां दूर कर दी गई हैं।”

2. हरियाणा ट्रैवल एजेंट रजिस्ट्रेशन और रेगुलेशन विधेयक, 2025

  • बिना लाइसेंस ट्रैवल एजेंसी चलाने पर 7 साल की सजा और 5 लाख रुपये तक का जुर्माना।

  • कांग्रेस विधायकों ने विरोध जताते हुए कहा, “बच्चों के पैसे की रिकवरी का कोई प्रावधान नहीं।”

  • सीएम सैनी ने कहा, “यह युवाओं के हित में है, ताकि वे ठगी का शिकार न हों।”

3. हरियाणा जुआ-सट्टा विधेयक, 2025

  • चुनावी सट्टेबाजी, मैच फिक्सिंग करने वालों को 3 से 5 साल तक की सजा।

  • दोषियों की संपत्ति भी जब्त की जाएगी।

  • कांग्रेस ने इसे अन्य माफिया गुटों को हरियाणा में लाने का रास्ता बताया।

  • सीएम बोले, “यह विधेयक परिवारों को बर्बादी से बचाने के लिए लाया गया है।”

4. हरियाणा अनुबंध कर्मचारी जॉब सिक्योरिटी विधेयक, 2024

  • 15 अगस्त 2024 तक 5 साल की सेवा पूरी करने वाले अनुबंधित कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा मिलेगी।

  • विपक्ष ने विधेयक पर अधिक चर्चा की मांग की, सीएम ने जल्दबाजी का आरोप खारिज किया।

इसके अलावा, सदन में बागवानी पौधशाला और अपर्ण संस्था से जुड़े विधेयक भी बहाल किए गए।
सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर भी विपक्ष और सरकार के बीच तीखी बहस हुई। कांग्रेस ने शिक्षकों और सुविधाओं की कमी पर सवाल उठाए, जबकि शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने सरकारी प्रयासों का बचाव किया।

हरियाणा के इन नए कानूनों का समाज और प्रशासन पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह देखने वाली बात होगी।

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