दिल्ली के तुगलकाबाद में भीषण आग: 3 की मौत, 6 घायल; पार्किंग में लगी आग ने पांच मंजिला इमारत को चपेट में लिया
नई दिल्ली। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के तुगलकाबाद इलाके में स्थित एक पांच मंजिला रिहायशी इमारत में गुरुवार तड़के भीषण आग लगने से तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि छह अन्य झुलस गए। मृतकों में एक युवक और दो महिलाएं शामिल हैं। सभी घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
प्रारंभिक जांच के अनुसार आग इमारत की पार्किंग में खड़े दोपहिया वाहनों से शुरू हुई और देखते ही देखते पूरी इमारत में फैल गई। आग और धुएं ने ग्राउंड फ्लोर से लेकर पांचवीं मंजिल तक इमारत को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे कई लोग अंदर फंस गए।
रात 2:35 बजे मिली सूचना
दिल्ली फायर सर्विस के मुताबिक, गुरुवार रात 2:35 से 2:37 बजे के बीच आग लगने की सूचना मिली। घटना तुगलकाबाद स्थित तारा अपार्टमेंट के पास गली नंबर-1 में हुई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।
छत का ताला तोड़कर किया गया रेस्क्यू
राहत कार्य के दौरान दमकल कर्मियों को पता चला कि इमारत में कई लोग फंसे हुए हैं। संकरी गली और ऊंची इमारत होने के कारण बचाव अभियान चुनौतीपूर्ण रहा। फायर कर्मियों ने छत तक पहुंचकर बंद गेट का ताला तोड़ा और वहां फंसी दो युवतियों को सुरक्षित बाहर निकाला।
स्थानीय लोगों ने भी बचाव अभियान में सहयोग किया। कुछ लोगों को साड़ियों के सहारे नीचे उतारा गया, जबकि पीछे की ओर लगी सुरक्षा ग्रिल काटकर कई लोगों को बाहर निकाला गया।
गाड़ियों में हुए धमाके
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने के बाद पार्किंग में खड़ी गाड़ियों में एक-एक कर धमाके होने लगे। इससे आग तेजी से फैल गई और पूरी इमारत धुएं से भर गई।
एक स्थानीय निवासी ने बताया कि घटना के समय इमारत में करीब 20 से 22 लोग मौजूद थे। इमारत में कुल नौ परिवार रहते हैं, हालांकि कुछ परिवार उस समय बाहर गए हुए थे।
कई वाहन जलकर राख
फायर विभाग के अधिकारियों के अनुसार आग में तीन स्कूटी, दो मोटरसाइकिल और एक साइकिल पूरी तरह जल गई। निचली मंजिलों को सबसे अधिक नुकसान पहुंचा है। दमकल विभाग ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद सुबह 3:45 बजे आग पर पूरी तरह काबू पा लिया।
लगातार दूसरी बड़ी आग की घटना
दिल्ली में पिछले दस दिनों के भीतर आग लगने की यह दूसरी बड़ी घटना है। इससे पहले 3 जून को मालवीय नगर स्थित एक होटल में आग लगने से 23 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने राजधानी में अग्नि सुरक्षा मानकों और बहुमंजिला इमारतों में सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।