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सरसों की फसल पर बढ़ा कीटों का प्रकोप: जानें लाही और आरा मक्खी की पहचान और रोकथाम के उपाय

Infestation of pests increased on mustard crop: Know the identification and prevention measures of Lahi and saw flyInfestation of pests increased on mustard crop: Know the identification and prevention measures of Lahi and saw flyInfestation of pests increased on mustard crop: Know the identification and prevention measures of Lahi and saw fly

 

सरसों रबी की प्रमुख तिलहन फसल है, जो भारत की अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है। इन दिनों ठंड और कोहरे के चलते कई राज्यों में सरसों की फसल पर कीटों का भयंकर प्रकोप देखने को मिल रहा है। इससे किसानों की पैदावार पर संकट मंडरा रहा है, क्योंकि इन कीटों के कारण फसल का उत्पादन कम हो सकता है, जिससे किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है।

बिहार के कृषि विभाग ने सरसों की फसल में लगने वाले दो प्रमुख कीटों, लाही कीट (Aphid) और आरा मक्खी कीट (Sawfly), की पहचान और प्रबंधन के वैज्ञानिक तरीके बताए हैं। आइए जानते हैं इन कीटों के लक्षण और बचाव के उपाय।


सरसों में लाही कीट (Aphid) के लक्षण

  • ये छोटे भूरे या काले रंग के कीट पौधों का रस चूसते हैं, जिससे पौधों की पत्तियां मुरझाने लगती हैं और सिकुड़ जाती हैं।
  • पौधों की वृद्धि रुक जाती है, जिससे फलियों में दाने नहीं बन पाते और फसल की उपज में भारी कमी आ जाती है।

लाही कीट से बचाव के उपाय

  1. खेत में 5-6 पीली स्टिकी ट्रैप प्रति एकड़ लगाएं, जो कीटों को आकर्षित कर फंसा लेते हैं।
  2. खेत से खरपतवार समय-समय पर हटाएं ताकि कीटों को छिपने का स्थान न मिले।
  3. जब फसल 40-45 दिन की हो और कीटों का प्रकोप दिखे, तो क्लोरोपायरीफॉस 20% EC (200 मिली) को 200 लीटर पानी में घोलकर प्रति एकड़ स्प्रे करें।

सरसों में आरा मक्खी कीट (Sawfly) के लक्षण

  • आरा मक्खी कीट के लार्वा काले या भूरे रंग के होते हैं और पत्तियों को टेढ़े-मेढ़े तरीके से खाकर उनमें छेद कर देते हैं।
  • यह कीट पूरी पत्तियों को खा जाता है, जिससे पौधा कमजोर हो जाता है और फसल का उत्पादन प्रभावित होता है।

आरा मक्खी कीट से बचाव के उपाय

  1. पौधे की बढ़ती अवस्था में सिंचाई करें, क्योंकि इससे अधिकांश लार्वा पानी में डूबकर मर जाते हैं।
  2. सुबह-शाम आरा मक्खी के ग्रबों को एकत्र कर नष्ट करें।
  3. करेले के बीज का तेल एंटीफिडेंट के रूप में इस्तेमाल करें।
  4. कीट के प्रकोप होने पर मैलाथियान 50 ईसी (400 मिली) या क्विनालफॉस 25 ईसी (250 मिली) को 200-250 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ छिड़काव करें।

किसानों के लिए सुझाव

सरसों की फसल में कीट प्रकोप की शुरुआत होते ही समय पर प्रबंधन करें। सही तकनीक और दवाइयों का उपयोग कर फसल को बचाना संभव है। इसके साथ ही खेत में नियमित निगरानी करें और फसल स्वास्थ्य पर ध्यान दें।

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